म्योरपुर। भेड़िए के काटने से पुत्री की हुई मृत्यु के मुआवजे के लिए लाल बहादुर पांच वर्षों से भटक रहा है। उसने तहसील दिवस सहित मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की लेकिन नतीजा सिफर रहा। कुसम्हा गांव निवासी लाल बहादुर की पुत्री सोनिया की मृत्यु एक नवंबर 2013 को हुई थी। इसके पूर्व 17 अक्टूबर को उसे जंगली भेड़िए ने काट लिया था। उसका उपचार जिला अस्पताल में कराया गया था। उसकी मृत्यु के बाद लालबहादुर ने मुआवजे के लिए डीएफओ रेणुकूट के यहां प्रार्थना पत्र दिया। पोस्टमार्टम न होने के नाते तत्कालीन डीएफओ तुलसीदास ने 19 मई 2016 को एसडीएम दुद्धी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया। इसमें एसडीओ रेणुकूट वन प्रभाग, सीओ दुद्धी की रिपोर्ट लगनी थी। अब तक यह रिपोर्ट नहीं आई। लाल बहादुर ने कई बार शिकायत की। आईजीआरएस पर शिकायत की। लेकिन नतीजा नही निकला। पीड़ित ने मामले की जांच कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।