सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के महुआंव खुर्द में 20 सितंबर की रात दबिश देने गई पुलिस टीम पर हमले के मामले में दर्ज प्राथमिकी में 85 वर्षीय दामोदरी देवी को भी आरोपी बनाया गया है। परिजनों की ओर से दावा किया गया है कि महिला बीमार है, बिस्तर पर रहती है और उसे दोनों आंखों से दिखाई भी नहीं देता। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उसे दिव्यांगता प्रमाणपत्र भी जारी किया गया है। महिला का घर घटनास्थल से काफी दूर होने का भी दावा किया गया है। मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग करते हुए एसपी सहित मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को शिकायती पत्र भेजा गया है। दामोदरी देवी की ओर से भेजे गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि उन्हें दोनों आंखों से दिखाई नहीं देता। शौचालय जाने के लिए भी किसी के सहारे की जरूरत पड़ती है। पत्र के अनुसार, 20 सितंबर को पुलिस की दबिश के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। अगले दिन उन्हें घटना का पता चला। उन्होंने दावा किया है कि उनका घर कमलेश के घर से करीब 200 मीटर दूर खेत में है और वह अपने पट्टीदारों से 40 वर्ष से अलग रह रही हैं। उनका कोई बेटा नहीं है। उनकी पुत्रियां और नाती आकर देखभाल करते हैं। शिकायती पत्र में यह भी दावा किया गया है कि दामोदरी देवी की पुत्री कौशल्या, नाती राजबहादुर और पौत्रवधू रीना को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। महिला के अनुसार, घटना के समय रीना अपने मायके में थीं, जबकि उनकी बेटी और नाती करमा थाना क्षेत्र के धौरहरा स्थित घर पर थे। इस संबंध में चोपन थाना प्रभारी गोपाल जी गुप्ता ने बताया कि घटना के समय मिली जानकारी के आधार पर जिन लोगों के नाम सामने आए थे, उन्हें आरोपी बनाया गया था। उन्होंने कहा कि जो लोग घटना में शामिल नहीं होंगे, उनके नाम मामले से हटा दिए जाएंगे।