विण्ढमगंज। कोन थाना क्षेत्र मे फ्लोरोसिस से प्रभावित रोहिणीदामर, गोबरदह गांव में 20 दिनों के अंदर सात लोगों की मौत हो गई। इसकी सूचना पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम प्राथमिक विद्यालय रोहिणीदामर पहुंची। यहां डॉक्टरों की टीम रोहिणी दामर गांव में जाकर जिंदगी और मौत से जूझ रहे दर्जनों प्रभावितों के स्वास्थ्य की जांच की। स्वास्थ्य विभाग की टीम अपने साथ मौत से जुड़ी प्रकाशित समाचार पत्र की कटिंग भी लेकर पहुंचे थे। वहां समाचार में प्रकाशित बीमारों के नामों का मिलान कर संबंधितों के घर डॉक्टर गए। उनकी जांच की डाक्टर प्रदीप और डाक्टर नंद कुमार का कहना था कि इस गांव में जब तक पानी की समस्या दूर नहीं होगी, तब तक यहां की हालत में कोई सुधार नहीं होगा। पानी की समस्या से निजात के बाद ही कुछ सुधार संभव है। वरना दस साल के अंदर स्थिति और खराब हो सकती है। डॉ नंद कुमार, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. हिमांशु के साथ एआरओ अग्नि शिवम व कमलेश, सुरेश शामिल थे। उन्होंने लोगों दवाएं भी वितरित किया। स्वास्थ्य विभाग के कैंप से दवा लेकर निकल रहे मथुरा (55) पुत्र मोहन का कहना था कि जब अखबारों में खबर छपती है, तब स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटती है। लोग आते हैं और 10 दिन, 12 दिन की दवाइयां देकर चले जाते हैं। फिर कोई सुधि लेने वाला नहीं आता। ग्रामीणों का कहना था कि फ्लोराइड युक्त पानी से निजात करे लेकर प्रशासन की ओर से भी कोई सार्थक पहल नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने इस पर कार्रवाई की मांग भी उठाई।