गांजा परिवहन में शामिल एम्बुलेंस। स्त्रोत: पुलिस
सोनभद्र। एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स (एएनटीएफ) और सोनभद्र पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार की देर रात एंबुलेंस के अंदर से 81 किलो गांजे की खेप बरामद की। एंबुलेंस के अंदर गुप्त कैबिनेट बनाकर 36 बंडलों में छिपाकर रखे गए गांजे की कीमत करीब 41 लाख रुपये है। यह गांजा ओडिशा के संभलपुर से यूपी के सुल्तानपुर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने गांजे के साथ एक अंतरराज्यीय तस्कर को भी गिरफ्तार किया है। उससे मिली जानकारी के आधार पर तस्करी गिरोह के नेटवर्क और अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार ने मंगलवार की शाम पुलिस लाइन में कामयाबी का खुलासा किया। बताया कि पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर ऑपरेशन शुद्धि के तहत मादक पदार्थ की तस्करी पर अंकुश के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में एएनटीएफ लखनऊ और हाथीनाला पुलिस की संयुक्त टीम को सूचना मिली कि एंबुलेंस में गांजा रखकर लाया जा रहा है। दुद्धी की तरफ से आती पश्चिम बंगाल के नंबर वाली एंबुलेंस को सोमवार की देर रात हाथीनाला तिराहे पर रोक कर तलाशी ली गई तो पता चला कि वाहन के केबिन में फर्श के नीचे एल्युमिनियम की चादर से तहखाना बनाया गया है। एंबुलेंस लेकर आ रहे मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) जिले के फरक्का थाना क्षेत्र निवासी समीर सरकार से कड़ाई से पूछताछ की गई तो पता चला कि अंदर 36 बंडलों में 81.300 किलो गांजा रखा हुआ है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि इसे वह ओडिशा के संभलपुर से सुल्तानपुर ले जा रहा है। वहां पहुंचने पर उसे फोन के जरिये जानकारी दी जाती कि उसे इसे किसे सौंपना है। संबंधित व्यक्ति वाहन ले जाकर गांजा उतार लेता। इसके बाद उसका वाहन सौंपते हुए पैसे दे दिए जाते। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह लंबे समय से यह कार्य कर रहा है। उसके साथ एक और व्यक्ति को इस गोरखधंधे में शामिल होने की बात सामने आई है, जिसके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है।