आजमगढ़। हत्या के मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट नंबर दो असद अहमद हाशमी ने शनिवार को सुनाया। रामराज तिवारी निवासी इटौरी खालिसपुर थाना अतरौलिया की आठ वर्षीया पोती डाली कक्षा दो की छात्रा थी। डाली 29 नवंबर 1996 को विद्यालय पढने के लिए गई थी और शाम को घर नहीं लौटी। जब डाली के घर वालों ने खोजना शुरू किया तब शेखपुर गांव के सिवान में डाली की लाश मिली। जांच के दौरान यह पता चला कि डाली के चाचा राम सजीवन ने जमीन के लालच में गला दबा कर डाली की हत्या कर दी। पुलिस जांच करने के बाद राम सजीवन पुत्र रामराज के विरुद्ध चार्ज शीट न्यायालय में भमेजा। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रेमनाथ यादव ने राम शिरोमणि, उमाकांती देवी, रामराज तिवारी, डा. जीसी मौर्य, सब इंस्पेक्टर ओमप्रकाश पांडेय, सब इंस्पेक्टर कृपाशंकर पाठक और सब इंस्पेक्टर रामबचन सरोज को बतौर गवाह न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी राम सजीवन को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।