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48 घंटे में 68.6 एमएम की बारिश, जनजीवन बेहाल

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महज 48 घंटों में 68.6 एमएम की बारिश ने जनजीवन बेहाल कर दिया है। सड़कों पर जगह-जगह पानी भर गया है। नदी-नाले फिर से उफना गए हैं। बांधों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। सोन नदी में प्रति घंटे छह सेमी की वृद्धि देख प्रशासन सतर्क हो गया है। नदी खतरे के निशान से अभी छह मीटर नीचे है। बाढ़ प्रभावित 117 गांवों में राजस्व कर्मियों को कैंप करते हुए वहां के हालात पर नजर रखने को कहा गया है। उधर, खेतिहर तबका प्रफुल्लित है। बारिश से धान की फसलों को भरपूर पानी मिला है। मंगलवार शाम से हो रही बारिश का क्रम बुधवार को पूरे दिन और रात जारी रहा। रुक-रुक कर तेज बारिश बृहस्पतिवार की सुबह तक होती रही। इसके बाद आसमान साफ हुआ। पहले से ही बदहाल नगर की जलनिकासी व्यवस्था बारिश के बाद और भी बदतर हो गई है। मुख्य मार्गों पर जगह-जगह पानी लगा हुआ है। लोगों को इसी पानी से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। नगर के उत्तर मोहाल, अंबेडकरनगर, इमरती कॉलोनी, विवेकानंद कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में जाने वाले मुख्य मार्ग पर पानी लग गया है। वहीं जर्जर मकानों के ढहने का खतरा बढ़ गया है। दूसरी ओर किसान इस बारिश को धान की फसल के लिए काफी अनुकूल मान रहे हैं। सब्जी की फसल को पानी रुकने से क्षति हो सकती है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी जनार्दन कटियार ने बताया कि टमाटर, मिर्च, बैंगन, करैला आदि सब्जियों के सड़ने की आशंका है। लिहाजा किसान खेत से पानी निकालने का प्रबंध करें। मौसम साफ होते ही कीटनाशक का छिड़काव करें। इससे फसलों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
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