सोनभद्र (म्योरपुर)। ब्लॉक की अधिकतर ग्राम पंचायतों में लगे फ्लोराइड रिमूवर प्लांट बेकार हो गए हैं। इससे लोग दूषित पानी पीने को विवश हैं। जल निगम द्वारा प्लांट की स्थापना और रख-रखाव का काम न कराए जाने से प्लांट एकदम से जर्जर होते जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में खासी नाराजगी भी व्याप्त है। ग्रामीणों ने फ्लोराइड रिमूवर प्लांटों की मरम्मत कराकर उपयोग में लाने की मांग की है। ब्लॉक के 80 ग्राम पंचायतों में तीन सौ हैंडपंपों में फ्लोराइड रिमूवर प्लांट लगाया गया था। इससे पूर्व इन हैंडपंपों के पानी की जांच कर दूषित पेयजल और फ्लोराइड युक्त पानी देने को लेकर इन्हें चिन्हित किया गया था। संबंधित विभाग जल निगम द्वारा एक एनजीओ के जरिए इन हैंडपंपों में फ्लोराइड रिमूवर प्लांट की स्थापना की गई थी। गैर सरकारी संगठन वाटर लाइफ इंडिया द्वारा रख रखाव और मरम्मत का कार्य किया जाना था, लेकिन उनके द्वारा यह काम न किए जाने से दिनों दिन यह प्लांट खराब होते गए और अब अपनी दशा पर आंसू बहा रहे हैं। गांवों के अलावा तमाम प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में भी इन फ्लोराइड रिमूवर प्लांटो की स्थापना की गई थी। लेकिन अब भी सभी खराब पड़े हैं और लोग दूषित पानी पीने को विवश हैं। ब्लाक के खैराही, डडीहरा, गंभीरपुर, किरवानी, मनबसा, रासपहरी, कुसम्हा आदि गांवों में फ्लोराइड रिमूवर प्लांट खराब पड़े हैं। ग्रामीणों ने जल्दी फ्लोराइड रिमूवर प्लांटों की मरम्मत कर उपयोग में लाने की मांग की है। इन प्लांटों के खराब होने से लोग तमाम तरह की बीमारियों से ग्रस्त होकर जीवन और मौत से जूझ रहे हैं। इन प्लांटों के रख रखाव न होने से ही यह सब एकदम खत्म होते जा रहे।