सोनभद्र। नार्कोटिक्स टास्क फोर्स व पुलिस की संयुक्त टीम ने राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत इको प्वाइंट के पास से गांजा की बड़ी खेप बरामद की है। लग्जरी कार में छिपाकर गांजा ओडिशा से लखनऊ ले जाया जा रहा था। वहां से प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजा जाना था। टीम ने पांच तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। बरामद गांजा की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 25 लाख रुपये है।
एएनटीएफ वाराणसी यूनिट के सीओ राजकुमार त्रिपाठी ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार की शाम संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर राबर्ट्सगंज कोतवाली अंतर्गत इको प्वाइंट के पास घेराबंदी की। चोपन की ओर से आ रहे दो संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली। कार में छिपाकर रखा 50 किलो गांजा बरामद हुआ। कार में सवार पांच तस्करों को टीम ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उनकी पहचान गोंडा के मनकापुर थाना क्षेत्र निवासी सेबू खान, वैभव चंद्रा, राजीव रंजन, सीतापुर के नैमिषारण्य थाना क्षेत्र निवासी आनंद सिंह, शाहजहांपुर के थाना जैतीपुर निवासी जितू पाठक के रूप में हुई। तस्करों ने बताया कि वह ओडिशा से गांजा लेकर लखनऊ जा रहे थे। वहां पहुंचने के बाद उसे अपने-अपने जिलों में ले जाते और उसकी बिक्री करते। तस्करों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर कोर्ट के लिए चालान कर दिया गया।
संयुक्त टीम में एएनटीएफ ऑपरेशनल यूनिट गोरखपुर के प्रभारी एसआई रमेश राम, हेड कांस्टेबल शशिकांत राय, दिव्यशंकर राव, उपेंद्र यादव, कांस्टेबल दीपक वर्मा, वाराणसी इकाई से हेड कांस्टेबल इंद्रजीत कुमार, संतोष सरोज, सतीश कुमार, शक्तिधर पांडेय, लखनऊ मुख्यालय की सर्विलांस टीम के एसआई मो. आसिफ, हेड कांस्टेबल संदीप यादव, अजय यादव, जुबैर अहमद, विज्ञान रतन, कांस्टेबल एकलाख अहमद, जसवीर सिंह, राबर्ट्सगंज कोतवाली के अस्पताल चौकी प्रभारी सुरेंद्र कुमार सिंह शामिल रहे।
जल्दी अमीर बनने की चाह में बन गए तस्कर
एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स के हत्थे चढ़े तस्करों की उम्र 20 से 25 साल के बीच है। जल्दी पैसा कमाने की चाह में उन्होंने गांजा की तस्करी शुरू कर दी। वह ओडिशा से छत्तीसगढ़ होते हुए सोनभद्र के रास्ते गांजा लेकर इसे बेचते थे। इससे उन्हें अच्छी आमदनी होती थी।