सोनभद्र। इंडियन बैंक की नईबाजार शाखा से अक्तूबर 2023 से अक्तूबर 2025 के बीच स्वयं सहायता समूह के लिए शासन से भेजी गई धनराशि में से जिस 44.82 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। वह महज चतरा ब्लॉक की पांच ग्राम पंचायतों से जुड़ा हुआ है। इस बैंक शाखा से जुड़ी रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक की 12 ग्राम पंचायतों की समूह सखियों के खाते से की गई निकासी की भी गहराई से जांच की जाए तो घपलेबाजी की यह धनराशि करोड़ों में पहुंच सकती है। कई सखियों के व्यक्तिगत खातों में भी रुपये भेजकर निकासी का मामला सामने आया है लेकिन कुछ पर स्थानीय दबाव तो कुछ के स्वयं ही कार्रवाई में फंसने के डर के चलते शिकायत अफसरों तक नहीं पहुंच पा रही है। फिलहाल तत्कालीन बैंक प्रबंधक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए भी इंडियन बैंक को पत्र भेज दिया गया है। पुलिस और विभागीय जांच में आगे चलकर किस तरह के खुलासे होते हैं? इस पर नजरें टिकी हुई हैं। घपलेबाजी का यह प्रकरण गत 13 अप्रैल को सामने आया था। एक समूह सखी की शिकायत पर चतरा की ब्लॉक मिशन प्रबंधक ममता ने बैंक पहुंचकर कुछ खातों की जांच तो महज चंद खातों से 13 लाख की निकासी के मामले ने उनके होश उड़ा दिए थे। उन्होंने 15 अप्रैल को इसकी जानकारी चतरा के तत्कालीन बीडीओ रूपेश मंडल को और उन्होंने इसकी जानकारी सीडीओ और डीसी एनआरएलएम को भेजी थी। सीडीओ ने मामले की जांच कराई तो जो धनराशि सरकार ने सीधे स्वयं सहायता समूहों के लिए भेजी थी। उसमें नईबाजार शाखा से जुड़ी चतरा ब्लॉक की महज पांच ग्राम पंचायतों में ही 44.82 लाख का गबन पकड़ में आ गया। चूंकि शिकायत चतरा ब्लॉक से हुई थी इसलिए जांच भी चतरा ब्लॉक की समूह सखियों पर केंद्रित रह गई। नईबाजार शाखा से जुड़ीं रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक की 12 ग्राम पंचायतों से जुड़े समूहों के लिए आई धनराशि में भी इसी तरह की घपलेबाजी की गई है। कहा जा रहा है कि रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक से जुड़े खातों की जांच की जाए तो चतरा से भी बड़ा घपला सामने आ सकता है। बता दें कि बैंक सखी ने भी तत्कालीन बैंक प्रबंधक पर उसे लालच में फंसाकर 90 लाख से अधिक की निकासी का आरोप लगाया था। बताते हैं कि इंडियन बैंक की नईबाजार शाखा से 17 ग्राम पंचायतें जुड़ी हुईं हैं। इनमें 12 रॉबर्ट्सगंज और पांच ग्राम पंचायतें चतरा ब्लॉक (कुसुम्हा, पड़री खुर्द, बबुरी, सेहुआं, बिरधी) की हैं। जिस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, वह समूह के खातों में भेजी गई धनराशि से जुड़ी हुई है। दावा किया जा रहा है कि समूह सखियों के खातों में भेजकर उन्हें धोखे में रखकर की गई निकासी का मामला जोड़ा जाए तो महज चतरा ब्लॉक में ही घपले की धनराशि में खासा इजाफा दिख सकता है। इसी तरह का खेल रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक में भी बताया जा रहा है लेकिन समूह सखियों की चुप्पी से यह मसला अभी दबा पड़ा है।