सोनभद्र। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 79 केंद्रों की प्रस्तावित सूची पर 37 आपत्तियां आई हैं। सबसे ज्यादा आपत्ति अधिक दूरी को लेकर है। इसके अलावा केंद्रों पर सुविधाएं न होने को लेकर भी स्कूलाें ने आपत्ति दी है। आपत्तियों का निस्तारण डीएम की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय समिति करेगी।
जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्रों की सूची 23 नवंबर को जारी हुई थी। सूची प्रकाशित होने के बाद से ही लगातार विद्यालय प्रबंधन असंतोष जता रहे हैं। मानकों की अनदेखी का आलम यह है कि दिव्यांगजनों और छात्राओं का केंद्र भी 35 से 40 किमी दूर बना दिया गया है। जिन ग्रामीण इलाकोंं के परीक्षा केंद्र दूर भेजे गए हैं, उन संपर्क मार्गों की हालत भी बहुत खराब है। कई ऐसे मार्ग हैं, जहां प्राइवेट वाहन ही एकमात्र सहारा हैं। अगर यह भी खराब हो जाए तो केंद्र तक समय से पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। इसके साथ कई ऐसे स्कूल जो संसाधन के मामले में मानक पूरा नहीं कर रहे हैं, उन्हें भी केंद्र बना दिया गया है तो कई ऐसे विद्यालय को केंद्र की सूची से बाहर कर दिया गया है, जो लगातार केंद्र बनते आ रहे हैं। उनकी छवि भी साफ-सुथरी है।
बृहस्पतिवार को अंतिम दिन शाम पांच बजे तक कुल 37 आपत्ति मिली। इनके निस्तारण की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो जाएगी। आपत्तियों का निस्तारण डीएम की अध्यक्षता वाली 12 सदस्यों वाली कमेटी करेगी। इसमें चारों तहसीलों के एसडीएम और तहसीलदार, जिला विद्यालय निरीक्षक, राजकीय और एडेड के दो प्रधानाचार्य शामिल हैं।
परीक्षा केंद्रों की संभावित सूची को लेकर आपत्ति मांगी गई थी। बृहस्पतिवार तक कुल 37 आपत्ति मिली हैं। जिनका निस्तारण होना है। - राजेंद्र यादव, डीआईओएस।