सिंगरौली। एनसीएल चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही अप्रैल से दिसंबर तक 74.65 मिलियन टन मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया है। कंपनी का कोयला उत्पादन एवं प्रेषण दोनों ही लक्ष्य से अधिक हैं। तय लक्ष्य के मुताबिक इस अवधि में कंपनी को 73.26 मिलियन टन कोयले का उत्पादन एवं 72.21 मिलियन टन कोयले का प्रेषण करना था। तीसरी तिमाही तक कंपनी द्वारा किया गया कोयला उत्पादन पिछले वित्त वर्ष की सामान अवधि के मुकाबले 11 प्रतिशत अधिक है। पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही तक कंपनी ने 67.45 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया था। इसी तरह तीसरी तिमाही तक कंपनी का कोयला प्रेषण भी पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 7 प्रतिशत अधिक है, जो अब तक के निर्धारित लक्ष्य का 105 प्रतिशत है। पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही तक कंपनी ने 70.97 मिलियन टन कोयले का प्रेषण किया था। बिजली घरों को भी एनसीएल ने पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के मुकाबले 7 प्रतिशत अधिक कोयला दिया है। चालू वित्त वर्ष के दिसंबर माह तक कंपनी ने बिजली घरों को 62.54 मिलियन टन कोयला दिया, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में 58.40 मिलियन टन कोयला दिया गया था। इस वर्ष दिसंबर में कंपनी का कोयला उत्पादन एवं प्रेषण पिछले साल दिसंबर में किए गए उत्पादन एवं प्रेषण से अधिक है। एनसीएल ने दिसंबर 2018 में 9.02 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया है, जबकि पिछले वर्ष दिसंबर में कंपनी ने 8.64 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया था। इसी तरह दिसंबर 2018 में कंपनी ने 9.20 मिलियन टन कोयले का प्रेषण किया है। जबकि पिछले वर्ष दिसंबर में यह 8.97 मिलियन टन था। गौरतलब है कि चालू वित्त वर्ष में एनसीएल को 100 मिलियन टन कोयला उत्पादन एवं 100.50 मिलियन टन कोयला प्रेषण करना है। अब तक के नतीजों को देखते हुए उम्मीद है कि कंपनी लक्ष्य से अधिक कोयला उत्पादन एवं प्रेषण करेगी।