सोनभद्र। पुलिस लाइन चुर्क में तैनात फालोवर पिता की मृत्यु के बाद उनके स्थान पर नियुक्ति पाने के लिए कूटरचना के आरोपी रणविजय चौहान को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर अदालत ने दोषमुक्त करार दिया गया है। मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेत्रपाल सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया। जौनपुर जिले के सिकरारा थाना क्षेत्र के महमदपुर निवासी जवाहर लाल चौहान पुलिस लाइन चुर्क में फालोवर के पद पर कार्यरत थे। सेवा के दौरान उनकी मृत्यु हो जाने पर पुत्र रणविजय चौहान ने मृतक आश्रित के रूप में नौकरी के लिए आवेदन किया था। इसके बाद उसके खिलाफ पूर्व में दर्ज एक मुकदमे के संबंध में जिले के एसपी ने जौनपुर के डीएम से जानकारी मांगी। 30 अप्रैल 2013 को पुलिस कार्यालय को एक पत्र मिला। इसकी जांच कराई गई तो पता चला कि पत्र पर दर्ज पत्रांक का कोई पत्र डीएम जौनपुर के यहां से निर्गत नहीं है। इस पर आवेदक रणविजय चौहान और तत्कालीन प्रधान लिपिक एएसआई पूनम सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। विवेचक ने रणविजय को कूटरचना का दोषी ठहराते हुए अदालत में आरोपपत्र पेश किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता सीताराम चौहान ने बताया कि अदालत ने गवाहों, साक्ष्यों और दलीलों को सुनने के बाद रणविजय को दोषमुक्त पाया।