सूखाग्रस्त होने के बाद भी हो रही कृषि ऋण की वसूली
घोरावल। शासन ने सूखाग्रस्त जनपदों में कृषि ऋण या इससे संबंधित किसी भी बकाए की वसूली फिलहाल स्थगित कर दी है। बावजूद सहकारी समितियों से लिए गए कृषि ऋण पर अतिरिक्त ब्याज लगाकर भू राजस्व की भांति वसूली की जा रही है। किसान नेता लाल जी तिवारी ने बताया कि उनके कृषि ऋण पर धारा 95क के तहत कार्रवाई कर वसूली की जा रही है। कहा कि इस पर जल्द रोक नहीं लगी तो किसान आंदोलन का र्र्ता अपनाने को बाध्य होंगे।