सोनभद्र। बुधवार को सदर ब्लॉक के सभागार में आयोजित किसान दिवस का जिम्मेदार अफसर नहीं पहुंचे तो किसानों ने बहिष्कार कर दिया। किसान पिछली बैठक का भी बहिष्कार कर चुके हैं। बैठक की अध्यक्षता डीएम या उनके प्रतिनिधि के रूप में एडीएम, सीडीओ को करनी होती है लेकिन कृषि से जुड़े अफसरों के अलावा कोई जिम्मेदार अफसर नहीं आया। इसलिए उन्होंने बैठक का बहिष्कार किया। उनके बहिष्कार से कृषि से जुड़े अफसर लौट गए। शासन के निर्देश पर प्रत्येक सप्ताह के बुधवार को किसान दिवस का आयोजन होता है। लेकिन पिछले दो बार से किसान इस बैठक का बहिष्कार कर दे रहे हैं और जिद पर अड़े हैं कि वे अपनी समस्या डीएम या उनके प्रतिनिधि के रूप में आने वाले सीडीओ, एडीएम के समक्ष ही रखेंगे। बुधवार को भी बैठक होनी थी। इसके लिए जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, मत्स्य अधिकारी, सिंचाई विभाग के एसडीओ, विद्युत विभाग के एक्सईएन ब्लॉक में पहुुंचे थे। भारी संख्या में किसान भी पहुंचे लेकिन किसान उस सभागार में गए ही नहीं जहां अफसर बैठे थे। किसानों ने भारतीय किसान संघ और भारतीय किसान यूनियन के नेताओं के साथ ब्लॉक में ही स्थित मंदिर पर की। इसमें किसान नेता मनीराम पटेल ने आरोप लगाया कि जिले में किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है। लगातार कई बार से इस बैठक में डीएम या अन्य उच्चाधिकारी नहीं आ रहे हैं। इससे किसान अपनी समस्या नहीं रख पा रहे हैं। बैठक में किसानों ने किसान दिवस के बहिष्कार का निर्णय लिया और सभागार में गए ही नहीं। मंदिर पर बैठक करने वाले किसानों में सदानंद, उमेश चंद्र मिश्र, आनंद कुमार, दयाराम सिंह, रमाशंकर निषाद, राज बहादुर सिंह पटेल, मंगल पटेल, राजेश मिश्र आदि शामिल रहे।