सोनभद्र। जिले में वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ ले रहे लोगों का सत्यापन करने पर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। 60 हजार 581 पेंशनधारकों की जांच करने पर सूची में दो हजार 501 लोग मृत और 26 अपात्र व्यक्ति मिले हैं। इससे ब्लाक और नगरीय निकायों के अधिकारियों की जांच में गड़बड़ी का भी खुलासा हुआ है। जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव ने मृत और अपात्र 2527 लोगों का पेंशन सूची से नाम काटकर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अब 58054 लोगों को ही पेंशन मिलेगी। वर्ष 2020-21 में जिले में वृद्धावस्था पेंशन लेने वाले राबर्ट्सगंज, ओबरा, घोरावल और दुद्धी तहसील क्षेत्र के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के 60 हजार 581 लोगों का नाम सूची में शामिल था। कुछ दिनों पूर्व शासन से जिला प्रशासन को वृद्वा पेंशन धारकों का सत्यापन कराकर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया था। डीएम अभिषेक सिंह ने सभी ब्लॉक के बीडीओ के माध्यम से ग्रामीण और निकायों में ईओ को निष्पक्ष ढंग से पेंशन धारकों का वार्षिक सत्यापन कराते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया था। इसकी मानीटरिंग करने की जिम्मेदारी समाज कल्याण अधिकारी को सौंपी गई थी। सत्यापन के दौरान पता चला कि हजारों पेंशनधारकों की मौत हो चुकी गई, जबकि दर्जनों पेंशनधारकों के बच्चे नौकरी आदि कर रहे हैं। इसके बावजूद उन लोगों का नाम सूची में शामिल है। हालांकि सभी बीडीओ और अधिशासी अधिकारियों ने जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। समाज कल्याण अधिकारी ने मृत और अपात्र लोगों का नाम पेंशन सूची से काटते हुए शासन को सत्यापन रिपोर्ट भेज दी है। जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव ने बताया कि जिले में 60 हजार 581 पेंशनधारकों के नाम सूची में थे। जांच करने पर सूची में दो हजार 501 लोग मृत और 26 अपात्र व्यक्ति मिले हैं। मृत और अपात्र मिले कुल दो हजार 527 लोगों का पेंशन सूची से नाम काटकर रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। अब 58054 लोगों को ही पेंशन मिलेगी।