सोनभद्र। नगर पंचायत पिपरी की भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में जिला प्रशासन ने लैंड बैंक के लिए 201.7034 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की है। दुद्धी और ओबरा तहसील क्षेत्र में चिह्नित भूमि का स्थलीय और अभिलेखीय सत्यापन कराया गया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेजकर आगे की कार्रवाई का अनुरोध किया है। शासन की ओर से बीते तीन जून को जारी पत्र के माध्यम से नगर पंचायत पिपरी की भूमि संबंधी समस्याओं के निस्तारण के लिए लैंड बैंक चिह्नित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके अनुपालन में जिले की सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में वन विभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी और क्षेत्रीय वनाधिकारी की टीमें गठित की गईं। गठित टीमों ने संबंधित क्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण के साथ राजस्व एवं वन अभिलेखों की जांच की। जांच के बाद दुद्धी और ओबरा तहसील में कुल 201.7034 हेक्टेयर भूमि लैंड बैंक के लिए उपयुक्त पाई गई। समिति ने चिह्नित भूमि के गाटों का विवरण सहित अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई। लैंड बैंक के लिए दुद्धी तहसील क्षेत्र में 116.6674 हेक्टेयर और ओबरा तहसील क्षेत्र में 85.0360 हेक्टेयर गैर वन भूमि चिह्नित की गई है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने समिति की रिपोर्ट को समेकित करते हुए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भेजा है। इसमें चिह्नित भूमि के संबंध में शासन स्तर से आवश्यक कार्रवाई कराने का अनुरोध किया गया है। बता दें कि नगर पंचायत पिपरी के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पिपरी नगर पंचायत में लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद का निस्तारण करने के संबंध में पहल की मांग की थी। इसी क्रम में प्रक्रिया चल रही है। इससे पिपरी नगर पंचायत की लंबे समय से चली आ रही भूमि संबंधी समस्या के समाधान की उम्मीद बढ़ी है।