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केंद्र व प्रदेश की सरकार ने निषादों को छला

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सोनभद्र। निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। यहां केंद्र व प्रदेश सरकार पर निषादों को वादा करके छले जाने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने निषादों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र अब तक जारी न किये जाने पर भी नाराजगी जाहिर किया। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा कि वर्ष का शासनादेश डीएम के यहां पड़ा हुआ है। निषादों को ओबीसी लिस्ट से निकालने का शासनादेश भी है। लेकिन निषादों को ओबीसी में डाला जा रहा है। गाजीपुर में निषाद समुदाय प्रधानमंत्री को ज्ञापन देने जा रहा है, लेकिन पुलिस ने विभिन्न थानों के हमारे लोगों को बंद कर दिया। बंद के लोगों के छुड़ाने के लिए हमारे लोग धरना प्रदर्शन कर रहे थे, तभी बीजेपी के लोगों ने हमारे लोगों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इससे एक पुलिस हेड कांस्टेबल मारा गया। पुलिस हमारे लोगों पर ताबड़तोड़ अत्याचार बंद करे। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग की। जिलाध्यक्ष रोहित बिंद ने कहा कि गाजीपुर की घटना एक दुखद घटना है। जिस पर हम गहरा शोक व्यक्त करते हैं। हेड कांस्टेबल को खोने का गम निषाद पार्टी को भी है। इस घटना की पूरी जिम्मेदारी बीजेपी की है। योगी और मोदी दोनों के नेतृत्व वाली सरकारें निषादों को छलने का काम कर रही हैं। निषादों को वोट तो इन सरकारों ने लिया लेकिन निषादों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने का अपना वादा पूरा नहीं किया। कहा कि योगी जब सांसद थे, तब उन्होंने सदन में आवाज उठाई थी कि निषाद समाज की सभी उप जातियों को उनका वाजिब हक मिलना चाहिए। यह सभी लोग संवैधानिक रूप से अनुसूचित जाति की सुविधा के हकदार हैं। लेकिन जब योगी यूपी के मुख्यमंत्री बने तो वे अपना वादा भूल गए। प्रदर्शन में संतोष, राज नारायण, प्रकाश, राजकुमार, राम बहादुर, रामप्रताप, जितेंद्र, रामसनेही, कमलावती, उर्मिला, राजकुमार शामिल रहे।
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