सोनभद्र। पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले के मेडिकल स्टोर संचालकों की बैठक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में शुकवार को हुई। इसमें जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. बीके अग्रवाल, ड्रग इंस्पेक्टर संदीप गुप्ता ने मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिया कि बिक्री होनेे वाले क्षय रोग की दवा का विवरण एच-वन रजिस्टर पर दर्ज किया जाए। प्रत्येक माह उसकी संकलित सूचना जिला क्षय रोग अधिकारी को उपलब्ध कराई जाए। केंद्र सरकार ने वर्ष 2025 तक क्षय रोग को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा है और निजी डॉक्टरों, दवा विक्रेताओं को क्षय रोगियों के संबंध में सूचना उपलब्ध कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि यदि प्रावइेट चिकित्सक से इलाज करवा रहे या प्राइवेट फार्मेसी से दवा ले रहे क्षय रोगी अपना बलगम जांच कराना चाहें तो उनकी भी जांच सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क हो जायेगी। सरकारी क्षेत्र में इलाज ले रहे क्षय रोगियों की तरह प्राइवेट सेक्टर में इलाज करा रहे क्षय रोगियों को भी पांच सौ रुपये प्रतिमाह का पोषण भत्ता इलाज की अवधि में मिलेगा। ड्रग इंस्पेक्टर संदीप गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक माह क्षय रोगियों की सूचना देना अनिवार्य है। प्रत्येक माह की पांच तारीख तक पिछले माह की सूचना जिला क्षय रोग अधिकारी कार्यालय में भेज दी जाए। यदि माह में टीबी की दवा की बिक्री नहीं की गयी हो तो भी शून्य की रिपोर्ट दी जाए। रिपोर्ट न मिलने पर कार्रवाई हो सकती है।