ओबरा। नगर पंचायत के संविदाकार अरविंद यादव ने भुगतान न होने और मिले सात लाख 52 हजार रुपये का चेक बाउंस होने से क्षुब्ध होकर मंगलवार को कार्यालय के समक्ष पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। पेट्रोल डालकर जैसे ही उसने माचिस हाथ में लिया, कार्यालय के पास मौजूद लोगों ने पकड़ लिया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने अरविंद से पूछताछ की और फिर उसे छोड़ दिया। अरविंद ने बताया कि नगर पंचायत से एक नवंबर 2017 को मिला तीन लाख रुपये और 11 जुलाई 2018 को मिला चार लाख 52 हजार रुपये का चेक बाउंस हो गया था। कई बार गुहार लगाने पर भी उनका भुगतान नहीं किया गया। इससे उसके समक्ष भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई। उनकी फर्म किरन कंस्ट्रक्शन का कुल 28 लाख रुपये बकाया है, जिसमें कई कार्यों की फाइल भी गुम कर दी गई है। उन्होंने वर्ष 2015-16 में कार्य कराया था। उधर नगर पंचायत के ईओ टीएन चौबे ने बताया कि संविदाकार का चेक काट दिया गया था। जल्द ही उन्हें चेक दिया जाना था। उधर सूचना पर थाने पहुंचे एडीएम उमाकांत त्रिपाठी व एएसपी अरुण दीक्षित ने पीड़ित अरविंद सहित नगर पंचायत अध्यक्ष प्रानमती देवी और ईओ टीएन चौबे से पूछताछ कर मामले की जानकारी ली। उसके बाद नगर पंचायत अध्यक्ष ने अरविंद को बताया कि बाउंस हुए चार लाख 52 हजार रुपये के चेक का तत्काल भुगतान कराया जाएगा। साथ ही अन्य बकाये को भी धीरे-धीरे भुगतान कर दिया जाएगा। कुछ देर बाद उसे चार लाख 52 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। इस घटना को लेकर नगर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि भारी भरकम बजट वाले ओबरा नगर पंचायत के संविदाकार का इतना बकाया किन परिस्थितियों में रखा जाता है। इस मामले में नपं अध्यक्ष प्रानमती देवी ने बताया चेक बाउंस होने का मामला उनके संज्ञान में नहीं था। जैसे ही मामला सामने आया भुगतान कर दिया गया।