रेणुकूट। क्षेत्र के खाड़पाथर में स्थित प्रशिक्षण संस्थान राधिका इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर्स ट्रेनिंग में रविवार को डीएलएड के प्रशिक्षु शिक्षकों ने अवैध वसूली को लेकर जमकर हंगामा मचाया। प्रशिक्षु शिक्षक संस्थान के गेट पर ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। पूरे मामले की जांच कराने की मांग उठाई। डीएम को शिकायती पत्र भेजने के निर्णय के बाद वे वहां से हट गये। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान से केंद्र सरकार के दिशा निर्देश के तहत पूरे देश में निजी विद्यालयों में पढ़ा रहे अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए छह माह पहले ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इसके तहत देश के लाखों लोगों ने आवेदन किया है। जिले के तमाम निजी विद्यालयों में पढ़ा रहे लोगों ने भी आवेदन किया था। कुछ दिनों पूर्व प्रशिक्षण के लिए आवेदन किए प्रशिक्षु शिक्षकों को कॉलेज का आवंटन किया गया और वहां जाकर संबंधित प्रपत्र जमा कराने को कहा गया। रविवार को शिक्षक-शिक्षिकाएं खाड़पाथर स्थित राधिका इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर्स ट्रेनिंग में प्रपत्र जमा करने पहुंचे। शिक्षकों का आरोप है कि यहां उनसे अवैध वसूली की मांग की जाने लगी। इस पर वे हंगामा करने लगे और नारेबाजी करने लगे। फिर धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे बाद प्रशिक्षु शिक्षकों ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर जांच कराने की मांग का निर्णय लिया और धरने से उठ गए। प्रदर्शन करने वालों में रघुराज सिंह, रामअशोक, राधेश्याम यादव, मीरा यादव, कंचन गुप्ता, पारुल जायसवाल, शमा परवीन, मधु श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। उधर संस्थान के प्राचार्य राकेश कुमार सिंह का कहना है कि शासनादेश के अनुसार शुक्रवार, शनिवार और रविवार को प्रशिक्षण देने का प्राविधान है। अभ्यर्थी सिर्फ रविवार को प्रशिक्षण देने का दबाव बना रहे हैं। अवैध वसूली के आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। यह संस्थान को बदनाम करने की साजिश है।