ओबरा(सानभद्र)। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश एवं पावर कारपोरेशन व प्रबंधन के मध्य शनिवार को लखनऊ में वार्ता हुई। वार्ता में पावर कारपोरेशन की प्रबंध निदेशक अपर्णा यू ने संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों को बताया कि विद्युत पेंशनर्स के पेंशन पुनरीक्षण के आदेश इसी माह में जारी कर दिये जाएंगे। इस दौरान प्रबंध निदेशक ने यह भी बताया कि विद्युत कर्मचारियों एवं अभियंताओं के वेतन विसंगतियों के निराकरण के लिए 30 दिसंबर को पावर कारपोरेशन की बैठक में समुचित निर्णय लिया जायेगा। इस संबंध में अभियंता संघ के केंद्रीय अध्यक्ष इं. जीके मिश्र एवं ओबरा-पिपरी क्षेत्र के क्षेत्रीय सचिव इं.अदालत वर्मा ने बताया कि द्विपक्षीय वार्ता में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि घाटे के नाम पर 18 वर्ष पूर्व राज्य विद्युत परिषद का विघटन किया गया था किन्तु 18 वर्षों में 77 करोड़ रूपये सालाना से बढ़कर सकल घाटा 77000 करोड़ रूपये तक बढ़ गया है। संघर्ष समिति ने कहा कि विद्युत परिषद के विघटन का प्रयोग पूरी तरह से विफल रहा है और प्रदेश व बिजली उपभोक्ताओं के व्यापक हित में सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण कर उप्र राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड का गठन किया जाये।