सोनभद्र। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से करीब 10 करोड़ आठ लाख रुपये की लागत से कोन-विंढमगंज मार्ग का निर्माण हो रहा। नौ मार्च 2018 से शुरू हुए निर्माण को आठ मार्च 2019 तक पूर्ण करना था लेकिन कार्य की गति काफी धीमी है। करीब 22 किमी सड़क के इस निर्माण कार्य का फिलहाल करीब 20 फीसदी ही कार्य पूरा हो सका है। इस निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का प्रयोग भी हो रहा। इसको लेकर ग्रामीणों में असंतोष है। ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि उच्चाधिकारियों ने मौके पर जांच कराकर गुणवत्ता में सुधार नहीं कराया तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। कोन-विंढमगंज मार्ग का निर्माण जब शुरू हुआ तो ग्रामीणों को उम्मीद जगी कि अब गड्ढायुक्त सड़क से मुक्ति मिलेगी। चौड़ीकरण के साथ पुनर्निर्माण का कार्य आठ मार्च 2018 में शुरू हुआ। लेकिन कार्य की गति काफी धीमी है। एक वर्ष बाद भी सड़क महज बीस फीसदी ही बन पाई है। ग्रामीणों की मानें तो कार्य इतनी धीमी गति से और गुणवत्ताविहीन हो रहा है कि एक तरफ से कार्य हो रहा और दूसरी तरफ जगह-जगह से सड़क उखड़ जा रही है। यही नही पुरानी सडक उखाड़कर जगह-जगह गिट्टी डालकर छोड दी गई है, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार मानकों को दर किनार कर निर्माण कार्य करा रहा है। बस स्टैंड कोन में पांच सौ मीटर सड़क पर छह माह पूर्व केवल गिट्टी डालकर छोड़ दी गई है। क्षेत्र के महंगू राम का कहना है कि सड़क पहले घने बस्ती व बस स्टैंड पर बनना चाहिए ताकि लोगों को प्रदूषण से निजात मिल सके। छह माह से बस स्टैंड पर दुकानदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार जायसवाल का कहना है कि पहले बस स्टैंड पर मानक के अनुसार चौड़ीकरण करते हुए लेपन कार्य होना चाहिए। सुमेर शर्मा ने कहा कि सड़क में मानक के अनुसार गिट्टी भस्सी डालकर पानी से कुटाई होनी चाहिए। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से निर्माण कार्य के गुणवत्ता की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।