सोनभद्र। यूपी सरकार के निर्देश के बाद जिले में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना की कवायद शुरू हो गई है। जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में बैठक लेकर संबंधितों को आश्रय स्थल की स्थापना के लिए जमीन चयनित करने का निर्देश दिया है। इस स्थापना से छुट्टा पशुओं से आए दिन होने वाले हादसों से भी निजात मिल सकेगी। जिले में जगह-जगह सड़कों पर छुट्टा पशु अक्सर दिख जाएंगे। खासकर बैलों को सड़कों पर पशुपालक छोड़ देते हैं। इससे आये दिन सड़क हादसे होते रहते हैं। आधुनिकीकरण में खेतों की जोताई का कार्य भी अब मशीनों से होता है ऐसे में बैलों की उपयोगिता भी लगभग खत्म सी हो गई है। ऐसे में बैलों को भी पशु आश्रय स्थलों पर रखने की कवायद शुरू की गई है। छुट्टा गाय और बैलों को एक स्थान पर रखने के लिए शासन से नगर पंचायत, नगर पालिका और ग्राम पंचायत स्तर पर अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल खोलने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय और बीडीओ की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समीक्षा समिति गठित की गई है। इसमें जिले के अधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में डीएम अमित कुमार सिंह ने सभी नगर पंचायतों और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारियों के साथ ही पंचायत राज विभाग, तीनों तहसीलों के एसडीएम को अस्थायी पशु आश्रय केंद्रों के खोले जाने के लिए जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया है। यह भी कहा है कि जल्द से जल्द इस पर कार्य शुरू करा दिया जाए ताकि छुट्टा पशुओं को आसरा दिया जा सके। डीएम ने एक सप्ताह के अंदर सभी को जमीन चिह्नित कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।