मछलीशहर। एसडीएम दरा अपने साथी के साथ दुर्व्यवहार किए जाने से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने गुरुवार को तहसील परिसर में जुलूस निकालकर नारेबाजी की। कार्यालय में उपजिलाधिकारी के नहीं मिलने पर अधिवक्ताओं ने तोड़फोड़ का प्रयास किया। कार्यालय व न्यायालय में ताला जड़कर आवास पर प्रदर्शन किया। बैठक कर अधिवक्ताओं ने अनिश्चित काल के लिए न्यायालयों के बहिष्कार का भी निर्णय लिया है।
तहसील के अधिवक्ता हरिश्चंद्र यादव ने आरोप लगाया कि वह गुरुवार को उपजिलाधिकारी जेएन सचान के कार्यालय में एक पत्रावली के तिथि निर्धारण के संदर्भ में वार्ता करने गए थे। उपजिलाधिकारी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और अपशब्दों का प्रयोग किया। भुक्तभोगी अधिवक्ता ने इसकी शिकायत अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों से की तो अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे। संघ के अध्यक्ष दिनेश चन्द्र सिन्हा के नेतृत्व में तहसील परिसर में जमकर नारबाजी की। उपजिलाधिकारी आवास का घेराव कर प्रदर्शन किया। उपजिलाधिकारी ने इसकी सूचना क्षेत्राधिकारी विजय सिंह व कोतवाल अनिल सिंह को दिया। सूचना मिलने पर पुलिस बल के साथ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। समझा बुझाकर अधिवक्ताओं को शांत कराया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने बैठक कर निर्णय लिया कि जब तक उपजिलाधिकारी पीड़ित अधिवक्ता से क्षमा नहीं मांगते तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। प्रदर्शन के समय वरिष्ठ अधिवक्ता जगदम्बा प्रसाद मिश्र, यज्ञ नरायण सिंह, राम सूरत पटेल, दयानाथ पाल, इंदू प्रकाश सिंह, अशोक श्रीवास्तव, सुरेश प्रताप सिंह, श्याम सुंदर यादव, जितेंद्र श्रीवास्तव, कुंवर भारत सिंह आदि अधिवक्ता उपस्थित थे। उधर, एसडीएम का कहना है किसी वकील के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया। एक व्यक्ति उनसे मुकदमे के संबंध में जानकारी लेने आए थे। आक्रोशित होकर तेज आवाज में बात कर रहे थे। उन्हें धीरे धीरे बात करने को कहा था। मुझे नहीं मालूम कि वह अधिवक्ता थे। क्योंकि वह अधिवक्ता के ड्रेस में नहीं थे।