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बिजली के निजीकरण का हर हाल में होगा विरोध

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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर निजीकरण न सिर्फ विरोध जताया है बल्कि 23 मार्च को पावर कारपोरेशन के चेयरमैन की वीडिओ कांफ्रेसिंग का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। चेताया है कि यदि बिजली का निजीकरण हुआ तो इसका विरोध बड़े पैमाने पर होगा। 27 मार्च को कार्य बहिष्कार करेंगे। अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव इं. अदालत वर्मा ने बताया कि बिजली कर्मचारियों के चलाये जा रहे शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। शासन एवं ऊर्जा विभाग के उच्चाधिकारी जिस तरह दमनात्मक रवैया अपना रहे हैं उससे बिजली उद्योग में अनावश्यक टकराव का वातावरण बन रहा है। निजीकरण के विरोध में समिति की दी गई नोटिस में 27 मार्च को कार्य बहिष्कार की सूचना दी गयी है। कार्य बहिष्कार से बिजली उत्पादन घरों, 765, 400 केवी ट्रांसमिशन और सिस्टम आपरेशन की पाली में कार्यरत कर्मचारियों को अलग रखा गया है। ताकि आम जनता को बिजली ठप्प होने वाली कठिनाई का सामना न करना पड़े।
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