संपूर्ण समाधान दिवस के तहत जिले की चारों तहसीलों में पुलिस-प्रशासन के अफसरों ने लोगों की फरियाद सुनी। कुल 174 शिकायतों में से 21 को त्वरित निस्तारण हुआ। शेष मामले संबंधित अधिकारियों को सुपुर्द कर दिए गए। ज्यादातर मामले भूमि विवाद के अलावा आवास, पेयजल, नाली-खड़ंजा और ग्राम पंचायतों से जुड़े थे।सदर तहसील में एसडीएम शैलेंद्र कुमार मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 61 मामले आए। इसमें दो का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि तीन मामलों के लिए टीम भेजी गई। शेष 56 प्रकरणों को एसडीएम ने जांच कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की हिदायत के साथ संबंधित विभागों को सौंपा।
एसडीएम ने कहा कि इसमें किसी प्रकार की शिथिलता व लापरवाही न बरती जाय। फरियादी को संतुष्ट करें और उनका बयान भी निस्तारण आख्या में जरूर अंकित कराएं। दुद्धी में सीडीओ सौरभ गंगवार की अध्यक्षता में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में 55 शिकायतें पहुंची। सीडीओ ने तीन शिकायतों का निस्तारण किया, जबकि दो के लिए टीम गठित कर मौके पर भेजा।
कहा कि जो भी मामले निस्तारित नहीं हो सके हैं, उसे अगले दो-तीन दिनों में अनिवार्य रूप से निस्तारित करें। अगर प्रकरण उनके स्तर का नहीं है तो उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए आगे भेजें। बेवजह कोई प्रार्थना पत्र लंबित नहीं होना चाहिए।
इस मौके पर तहसीलदार बृजेश कुमार, पीडी आरएस मौर्या, डीपीआरओ विशाल सिंह आदि उपस्थित रहे। घोरावल में एडीएम नमामि गंगे आशुतोष दुबे की अध्यक्षता में 39 मामलों की सुनवाई हुई, जिसमें आठ का निस्तारण किया गया। इस मौके पर एसडीएम रमेश कुमार, सीओ अमित कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ओबरा तहसील में एडीएम सहदेव कुमार मिश्र की मौजूदगी में 19 शिकायतों पर सुनवाई हुई। इसमें तीन का निस्तारण किया गया।