चोपन। नगर के रेलवे कालोनी स्थित दुर्गा मैदान में रविवार से संगीतमय राम कथा शुरू हो गई। इसके पूर्व श्रद्धालुओं ने सुबह बैरियर स्थित सोन नदी के तट पर इकट्ठा हो कर सोन नदी का पवित्र जल कलश में लिया। फिर कलश यात्रा निकाला। यात्रा के आगे-आगे अयोध्या से आई कथा वाचिका राजराजेश्वरी फूल मालाओं से सजी हुई खुली जीप में चल रही थीं। राम-सीता, शंकर भगवान व हनुमान जी की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। झांकियों के पीछे वाहनों की लंबी कतारों में श्रद्धालु चल रहे थे। सबसे पीछे कलश लेकर महिलाएं, किशोरियां धार्मिक गीत गाते हुए चल रही थीं। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर बैरियर से लेकर मुख्य बाजार तक मार्ग को वनवे कर दिया था। कलश यात्रा वाराणसी-शक्तिनगर मुख्य मार्ग से प्रीत नगर होते हुए वापस दुर्गा मैदान स्थित पंडाल में पहुंची, जहां कलश की स्थापन करने के बाद कथा शुरू हुई। कथा के प्रथम दिन भगवान राम के जन्म के प्रसंग का सरस और भावपूर्ण तरीके से विस्तृत वर्णन किया गया। कथावाचिका राजराजेश्वरी ने कहा कि भगवान श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम थे और एक राजा के रूप में आज्ञाकारी पुत्र। आदर्श भाई के रूप में, आदर्श मित्र के रूप में प्रजा पालक के रूप में एक आदर्श स्थापित किया। वे ऋषि मुनियों के संरक्षण तथा आसुरी शक्तियों के विनाश के लिए मानव रुप में अवतरित हुए। कथा में विद्या शंकर पांडे, प्रदीप अग्रवाल, महेंद्र केसरी, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जैन, उमेश सिंह, कमल किशोर सिंह, सत्य प्रकाश तिवारी, रामसुंदर निषाद, शैलेश राय, शब्बीर खां, मोम बहादुर, विनोद कुमार, सनोज सिंह, संजय, चेतन, सुनील सिंह, आनंद अग्रवाल, आशीष श्रीवास्तव, शिवधर पांडेय, अशोक सिंघल, तीर्थराज शुक्ला मौजूद रहे।