शक्तिनगर। सालों से थर्मल पावर प्रोजेक्टों के लिए समस्या बनी राख अब राजस्व बढ़ोतरी का बड़ा जरिया बनेगी। इसकी शुरूआत शक्तिपीठ ज्वालामुखी परिसर में लगने चैत्र नवरात्र के पाक्षिक मेले से होगी। राख के भराव से मेला परिसर में दोगुना की बढ़ोतरी हुई है। इसके वजह से दुकानों की संख्या बढ़ेगी साथ ही भीड़ का दबाव भी कम होगा। अब तक मंदिर के पास से गुजरने वाले एक नाले के दोनों तरफ मेला लगता था। गड्ढा व काफी संकरी जगह के कारण दुकानदारों व मेलार्थियों के साथ मां के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को काफी समस्या का सामना करना पड़ता था। इस समस्या पर क्षेत्रीय सांसद छोटेलाल खरवार और समाजसेवी केसी शर्मा ने पहल की। इसके बाद एनटीपीसी सिंगरौली ने मेला क्षेत्र के अलावा आसपास के क्षेत्र का राख से समतल करने का बीड़ा उठाया, फिर पावर परियोजना के राख बांध से करीब 55 हजार क्यूबिक मीटर राख लाकर भरी गई और ऊपर से मिट्टी डाल कर पूरे क्षेत्र को समतल कर दिया गया। एक करोड़ रुपये से अधिक का यह काम विजय कंसट्रक्शन ने किया। इस प्रोजेक्ट में नाले के ऊपर एक ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। माना जा रहा है कि मेला क्षेत्र में दोगुना विस्तार का लाभ राजस्व के रूप में सरकारी खजाने में पहुंचेगा। जानकारों का मानना है कि क्षेत्र विस्तार से मेले में दुकानें बढ़ेगी तो भीड़ बढ़ने से आवाजाही नहीं प्रभावित होगी इसके चलते मेले की बोली में हरहाल में वृद्धि होगी।