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वर्षों से हो रही है महुआ, केमिकल युक्त शराब बिक्री

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रेणुकूट। बाराबंकी में जहरीली शराब से 21 लोगों की मौत के बाद जिले में भी आबकारी एवं पुलिस विभाग द्वारा अभियान चलाकर अवैध शराब कारोबारियों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति कर लिया जाएगा। लेकिन यह बात किसी से छुपा नहीं है कि आबकारी विभाग की मिलीभगत से जिले के अन्य क्षेत्रों सहित नगर क्षेत्र में वर्षों से बड़े पैमाने पर अवैध एवं मिलावटी शराब का धंधा किया जा रहा है। इलाके में महुआ एवं केमिकल युक्त शराब बनाने और बेचने का धंधा वर्षों से किया जा रहा है, क्योंकि औद्योगिक इलाका होने के कारण यहां मजदूरों की संख्या ज्यादा है। जिस कारण सस्ती और अवैध शराब की बिक्री खूब होती है। परिक्षेत्र में करीब एक दर्जन स्थानों पर अवैध शराब बनाकर बेचे जाने का धंधा किया जाता है। यही नहीं आसपास के ग्रामीण इलाकों से महिलाएं कच्ची शराब लाकर पिपरी, मुर्धवा में बेचा करती हैं। महुआ और खतरनाक केमिकल से बनने वाले शराब को ज्यादा नशीला बनाने के लिए मेंडेक्स, डाईजापाम की गोली सहित यूरिया का इस्तेमाल किया जाता है। अवैध जहरीली शराब बनाने वाले प्रमुख स्थानों में मुर्धवा के राधा कृष्ण मंदिर के पीछे एवं सामने की बस्ती, धौकीनाला, निहाई पाथर, रेणुकूट में चाचा कॉलोनी, धरिकार बस्ती, मंसा चित्र मंदिर के पीछे की बस्ती सहित रेलवे स्टेशन के समीप बस्तियां शामिल हैं। कच्ची शराब का बड़ा खेप म्योरपुर, आश्रम और रिहंद जलाशय के आसपास आबाद गांवों से नगर में बड़े पैमाने पर पहुंचता है। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग की मिलीभगत से अवैध शराब का धंधा फल फूल रहा है। कभी कभी कोरम पूरा करने के लिए आबकारी विभाग और पुलिस इन बस्तियों में जाकर लहन व अन्य सामग्रियों को नष्ट करती है लेकिन इस पर लगाम न लगा पाना आबकारी विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाती है। नगर में आवंटित सरकारी देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों पर भी मिलावटी शराब बेचे जाने की शिकायतें मिलती रहती हैं लेकिन विभाग द्वारा कार्रवाई करने की बजाएं दुकानदारों को संरक्षण दिए जाने से खुलेआम मिलावटी शराब की बिक्री कर रहे हैं।
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