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मुआवजा नहीं मिलने से प्रभावित किसानों में रोष

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अनपरा(सोनभद्र)।। ऊर्जांचल में रेलवे विभाग द्वारा कराये जा रहे दोहरीकरण के कार्य में किसानों के प्रतिकर का मामला हल नहीं होने से प्रभावित किसानों में व्यापक आक्रोश व्याप्त है। रेलवे विभाग द्वारा त्रिपक्षीय वार्ता में दो माह का समय लेने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। मुआवजे को लेकर विगत 25 सितम्बर को अनपरा थाने में उप जिलाधिकारी व रेलवे विभाग के अधिकारियों के साथ किसानों की हुई बैठक में रेलवे विभाग ने प्रभावित किसानों के जमीनों के कागजात की जांच व पुराने रिकार्ड निकलवाने के लिए दो माह का समय लिया था जो 25 नवम्बर को बीत चुका है परन्तु अभी तक यह तय नहीं हो पाया कि गर्वरमेंट ग्रांड व भूमिधरी किसानों को मुआवजा राशि कब दी जायेगी। जो किसान वर्ग चार व वन भूमि से जोत-कोढ के आधार पर जमीन का अधिकार पाये है वह आशंकित नजर आ रहे है। लक्षमण प्रसाद, रमाशंकर, लालपरी, फुलबसिया, रामजी, शिवनरायन, हीरालाल, सुखदेव आदि किसान मुआवजा मिलेगा कि नहीं, मिलेगा तो किन नियमों पर मुआवजा बनेगा यह तमाम सवाल किसानों के मन में बने हुए है। हालांकि रेलवे विभाग ने इस संबंध में कुछ रिकार्ड तो ढूढ़ निकाले है पर अभी भी कई रिकार्ड नहीं मिलने से समस्या का हल निकलता नहीं दिख रहा है। जिससे जहां दोहरीकरण कार्य खटाई में पड़ता दिख रहा है। वहीं सन 1978 में राज्य सरकार द्वारा अधिगृहित जमीनों के मुआवजा देने में बरती गयी अनियमितता से कई किसान आज भी मुआवजे से वंचित है। किसानों की मानें तो ऊर्जाचल परिक्षेत्र में सन 1978 में जब रेलवे विभाग ने पटरी बिछाने का कार्य शुरू किया तो अधिकांश किसानों को रेलवे विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन देकर काम शुरू करा दिया। काम समाप्त होने के बाद जब मुआवजा नहीं मिला तो किसान अपने को छला महसूस करने लगे। इस दौरान वह रेलवे लाइन के आसपास बची जमीनों को जातेते कोढ़ते रहे। आज जब दोहरीकरण का कार्य पुन: शुरू हुआ तो किसानों ने मुआवजा न मिलने की बात कहते हुए रेलवे के दोहरीकरण के कार्य को ठप कर मुआवजे की मांग कर रहे है। इस संबंध में रेलवे विभाग के डिप्टी कीफ इंजीनियर राकेश कुमार का कहना है कि किसानों के प्रतिकर के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। जल्द ही इस समस्या को हल कर लिया जायेगा। इस संबंध में उप जिलाधिकारी दुद्धी रामचन्द्र यादव का कहना है कि पत्राचार के माध्यम से किसानों की बात को शासन तक पहुंचा दिया गया शासन के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी।
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