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खनन उद्योग चालू करने को लेकर आंदोलन करेंगे व्यवसायी

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ओबरा। खनन बंदी से परेशान खनन व्यवसायी संगठित होकर शासन प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखेंगे। पिछले कुछ वर्षों के दौरान खनन उद्योग पर गिर रहे गाज से परेशान व्यवसाइयों ने शुक्रवार को राम मंदिर कालोनी में बैठक कर आगामी रणनीति बनाया। यहां खनन व्यवसायी नंदलाल पांडेय ने कहा कि लगातार खनन व्यवसाय को हासिए पर लाकर लाखों लोगों की जीवन को प्रभावित किया जा रहा है। खनन व्यवसाय वर्तमान समय में मरणासन्न की स्थिति में पहुंच गया है। राज्य को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला जिला होने के बावजूद सैकड़ों क्रशर प्लांट और खदानों को बंद करा दिया गया है। संतोष सिंह ने बताया कि पिछले 30 जुलाई को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक सक्षम अधिकारियों के साथ होने के साथ व्यवसाय को सुचारू रूप से चलाने के लिए सुझाव दिए गए थे एवं उनको क्रियान्वित करने की बात कही गई थी। लोकिन अब तक उन पर कोई अमल हुआ नहीं हुआ। जगमेंदर सेन अग्रवाल और मनीष सूद ने कहा कि वर्तमान समय में हजारों मजदूर, व्यवसायी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बेरोजगार व तंगी में जूझ रहे हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षण करने के लिए खनन व्यवसायी काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। दीपावली पर्व न मनाने का भी निर्णय लिया गया। यहां ओबरा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष सुशील गोयल, रविन्द्र गर्ग, आशीष सिंह बाबी, राजेंद्र गर्ग, राजेंद्र जिंदल, गोविंद अग्रवाल, कृष्ण कुमार गर्ग, अनिल जिंदल, सुरजीत सिंह, रवि प्रकाश, बृजेश तिवारी, शिव शंकर अग्रहरि, संजय कुमार, रत्नेश अग्रहरि, धीरज जायसवाल, गोविंद अग्रहरि मौजूद रहे।
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