स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के 629 गांवाें में 1421 सफाईकर्मी तैनात किए गए हैं। बावजूद जिले में सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। नियमित झाड़ू लगना तो दूर नालियों की महीनों से सफाई भी नहीं हो पा रही।
गांवों में जाने की बजाय अधिकांश सफाई कर्मी ब्लॉक पर हाजिरी लगा रहे हैं तो कुछ अफसरों का झोला ढो रहे हैं। जिले के करीब 80 से अधिक गांवों में जहां सड़कों व गलियों में कूड़े का अंबार है, वहीं नालियों की सफाई न होने से सड़कों पर गंदा पानी बह रहा है।
जगह-जगह नालियों में जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों में गंदगी के कारण अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है। संक्रामक बीमारियों की चपेट में लोग आ रहे हैं।
ब्लॉक पर ही कूड़ा-कचरे का ढेर
चतरा ब्लॉक में स्वच्छता अभियान का असर नहीं दिखाई दे रहा है। चतरा ब्लॉक में सफाई कर्मचारियों के 179 पद है। जबकि यहां 162 सफाईकर्मियों की ही तैनाती है। सफाई व्यवस्था का यह हाल है कि ब्लाक मुख्यालय रामगढ़ में ही कूड़े का अंबार लगा है। महीनों से प्लास्टिक का कूड़ा यहां डंप है। इसके निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं हो रही है।
खेल मैदान के पास कूड़े का अंबार
48 ग्राम पंचायतों वाली नगवां ब्लॉक में कुल 122 राजस्व गांव हैं। इन गांवों में सफाई व्यवस्था दुरूस्त रखने के लिए कुल 98 सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें से भी करीब 18-20 सफाईकर्मियों को ब्लॉक मुख्यालय या फिर जिला मुख्यालय से अटैच किया गया है। स्थिति यह है कि गांवों में सफाई नहीं हो रही है। वैनी गांव में खेल मैदान के पास कूड़े का अंबार लगा हुआ है।
शिक्षक लगाते हैं झाड़ू तो कभी ग्रामीण करते श्रमदान
बभनी। विकास खंड बभनी के 40 ग्राम पंचायत में कई ऐसी ग्राम पंचायत हैं, जहां वर्षों से सफाई कर्मी नहीं हैं। ऐसे में गांव के साफ सफाई की क्या हालत होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। बभनी ब्लाक के रंदह, संवरा,भंवर, चपकी, असनहर,आसनडीह,कोंगा, चैनपुर ऐसे गांव है, जहां कोई सफाईकर्मी नहीं है। ब्लॉक में कुल 72 राजस्व गांव हैं।
जिसमें 63 सफाई कर्मियों की नियुक्ति की गई है। एडीओ पंचायत सुधाकर राम ने बताया कि 63 सफाई कर्मियों में दो सफाई कर्मी श्रीदेवी और दशमी प्रसाद दो वर्ष से निलंबित चल रहे हैं। रंदह, संवरा, भंवर, चपकी, असनहर, आसनडीह, कोंगा और चैनपुर में सफाई कर्मियों के न रहने पर दूसरे राजस्व गांव के सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि काम अवरूद्ध न हो।
सफाई कर्मी न होने से प्राथमिक विद्यालय असनहर द्वितीय के शिक्षक अपने हाथ से विद्यालय में झाड़ू लगाकर साफ सफाई करते नजर आए। एडीओ पंचायत का कहना है कि कुछ ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मी नहीं हैं। जल्द ही उन गांव में सफाई कर्मियों की नियुक्ति कर दी जाएगी।