दुुद्धी। भीषण गर्मी में मौसम करवटें ले रहा है। इससे लोग मौसमी बीमारियों के शिकार हो रहे। बुखार, बदन दर्द, उल्टी और दस्त से लोग परेशान होकर अस्पताल पहुंच रहे। लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उल्टी-दस्त पर चढ़ने वाला डीएनएस बोतल खत्म हो चुका है। यहां एंटीबायोटिक दवाएं भी नहीं हैैं। इससे परेशान मरीज निजी अस्पतालों में उपचार कराने के लिए विवश हैं। मौसम के करवट लेते ही मरीजों पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ अप्रैल माह में ही तापमान ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं दूसरी तरफ लोग तरह-तरह की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। इससे दुद्धी सीएचसी में ओपीडी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। वर्तमान में प्रति दिन डेढ़ सौ से दो सौ मरीज ओपीडी में उपचार कराने आ रहे हैं। मरीजों की जांच में खून की कमी पाई जा रही है। तमाम लोग मौसमी बुुखार और उल्टी दस्त से पीड़ित आ रहे हैं। सीएचसी में डीएनएस व एंटीबायोटिक सहित कई अन्य दवाइयों की कमी से मरीजों को सरकारी सुविधाओं का लाभ नही हो रहा। मरीज बाहर से दवाएं खरीदने के लिए विवश हैं। सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज एक्का ने बताया कि अस्पताल में डीएनएस व एंटीबायोटिक सहित अन्य दवाइयों की समस्याओं को दूर करने के लिए सीएमओ को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है। दवाइयों की कमी की सूची बनाकर भेजी गई है। जिले से दवाइयों की आपूर्ति होते ही समस्या दूर हो जाएगी।