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सड़क मार्ग से कोल परिवहन की मियाद पूरी , नही रुका कोल परिवहन

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अनपरा। अति प्रदूषित क्षेत्रों में शुमार ऊर्जांचल में एनजीटी के सख़्त आदेश के बाद भी बुधवार को सड़क मार्ग से कोल परिवहन धड़ल्ले से जारी रहा।
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एनजीटी के कडे़ रूख के बाबजूद भी सड़क मार्ग से कोल परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगते नही दिख रहा हैं।
एक मार्च को एनटीपीसी विन्ध्यनगर में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जस्टिस राजेश कुमार की अध्यक्षता में ओबर साइट कमेटी की बैठक हुयी थी। कमेटी की बैठक में राष्ट्रहित एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए 60 दिन की अवधि तक सड़क मार्ग से कोल परिवहन किये जाने हेतु अंतरिम राहत परियोजनाओं को दी गयी थी। जिसकी समय सीमा 30 अप्रैल को समाप्त हो गई। जिसके परिप्रेक्ष्य में आदेशों का अनुपालन कर इसकी अख्या जिलाधिकारी को प्रेषित किया जाना सुनिश्चित किया जाना था। लेकिन परियोजना प्रबंधकों पर किसी आदेश का असर नही है। वे आज भी पूर्व की भांति सड़क मार्ग से दिन रात कोल परिवहन कर रहे है। एनजीटी ने इससे पूर्व डा. तपन चक्रवर्ती की अध्यक्षता में 25 अगस्त 2014 को गठित कोर कमेटी की अनुशंसा पर गत छ: दिसम्बर 2017 को अपने आदेश में एनजीटी ने अश्वनी दुबे की याचिका 276/2013 का निस्तारण करते हुए स्पष्ट आदेश दिए हुए थे कि एनसीएल कोल खदानो से कोयले का परिवहन रेलवे वैगन और डैडीकेटेड कन्वेयर बेल्ट सिस्टम द्वारा सुनिश्चत किया जाए। किसी भी हालत में क्षेत्र के बिजलीघरो को कोयले का सड़क मार्ग से परिवहन न किया जाए। याचिका कर्ता अश्वनी कुमार दुबे की छ: दिसम्बर के आदेशो का अनुपालन न होने की शिकायत पर सुनवाई करते हुए गत 28 अगस्त 2018 को एनजीटी ने पुन: सख्त रूख अख्तियार किया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जस्टिस राजेश कुमार की अध्यक्षता में चार सदस्यीय ओवरसाइट कमेटी का गठन कर छ: दिसम्बर के आदेशो का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया। ओवरसाइट कमेटी ने एनसीएल की सीएचपी निर्माण एवं रेलवे लाइन बिछने तक कोयले का सड़क परिवहन जारी रखने के लिए मोहलत देने से इंकार करते हुए एनजीटी से ही आदेश हासिल करने के निर्देश दिए थे। जिस पर एनसीएल ने एनजीटी में याचिका दी, लेकिन किसी प्रकार की रियायत देने से एनजीटी ने साफ इंकार कर दिया था। इस संबंध में क्षेत्रीय नियंत्रण प्रदूषण अधिकारी राधेश्याम का कहना है कि सड़क मार्ग से कोल परिवहन पर रोक लगाने के लिये एआरटीओ सोनभद्र व समस्त औद्योगिक इकाइयों को कोल परिवहन पर रोक लगाने के लिए नोटिस जारी की गई है।
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