अनपरा। रेणुसागर पावर डिवीजन प्रबंधन मण्डल के तत्वावधान में कर्मचारी मनोरंजनालय में श्रीराम कथा प्रवचन में पंडित नाना लाल राज गुरु ने वन में श्रीराम, लक्ष्मण से हनुमान के मिलन के प्रसंग का वर्णन किया। कहा कि हनुमान अखण्ड ज्ञान युक्त होने के कारण ब्रम्हचारी का रूप धारण करने वाले श्रीराम को पहचान जाते है और उनके चरणों में सर रखकर प्रणाम करते हैं। श्रीराम के परिचय पूछने पर हनुमान ने कहा कि उनके सेवक हैं और साथ ही हनुमान ने श्रीराम से पूछा कि आप भगवान होकर मनुष्य की भांति क्यों मेरा परिचय पूछ रहे हैं। मनुष्य मायावश ईश्वर को भूला रहता है, परन्तु ईश्वर अपने भक्त को कभी नही भूलते, कारण कि भक्त जब भगवान की शरण में होता हैं। तब उसकी भौतिक उपलब्धियां विलुप्त हो जाती हैं और उसका कोई अलग अस्तित्व नहीं रहता और वह ईश्वरमय हो जाता है। कथा से पूर्व रेणुपावर के एचआर हेड शैलेश सिंह, आकाश खत्री ने रामायण की आरती एवं पूजन करके प्रथम दिन की राम कथा प्रारम्भ कराई। रेणुपावर के कर्मचारी एवं श्रमिक भाइयों ने परिवार सहित भाग लेकर इस संगीतमयी श्री रामकथा का आनन्द लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संतोष सिंह, गोपाल मुखर्जी का विषेष योगदान रहा।