ओबरा। धनबाद रेलवे मंडल के डीआरएम अनिल मिश्रा ने बृहस्पतिवार को ओबरा डैम रेलवे स्टेशन के आवासों, सड़क आदि का निरीक्षण किया। यहां तमाम भवन जर्जर मिले। उन्होंने ओबरा परियोजना के अधिकारियों से भी वार्ता की। डीआरएम ने बताया कि ओबरा डैम सहित आसपास के रेलवे के कुल चार सौ कर्मचारी मौजूद हैं। कर्मचारियों को रहने के लिए ओबरा तापीय परियोजना ने 216 आवास दिया है। 70 आवास ओबरा डैम स्टेशन के पास रेलवे ने बनवाया है। कुछ कर्मचारी चोपन में निवास करते हैं। लेकिन ओबरा परियोजना के बनवाए गए आवास काफी जर्जर हो गए हैं। इन आवासों में कर्मचारियों का रहना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए परियोजना के आवासों को एक अप्रैल तक खाली कराकर सभी कर्मचारियों को चोपन शिफ्ट किया जाएगा। कर्मचारियो को चोपन से ओबरा डैम आने जाने के लिए बस की ब्यवस्था की जाएगी। रेलवे जर्जर आवासों की जगह नए आवास बनवाएगा। ओबरा बाजार से ओबरा डैम संपर्क मार्ग को बनवाने के लिए एक करोड़ 75 लाख रुपये मंजूर हो चुुका है। इसका टेंडर भी हो गया है। फरवरी से कार्य शुरु होने की संभावना है। ओबरा डैम के ए केबिन के लिए बाथरूम सहित पेयजल की भी ब्यवस्था कराने एवं भलुआ टोला स्थित पुलिया के नीचे मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि चोपन सिंगरौली रेल मार्ग के दोहरीकरण सहित विद्युतीकरण का कार्य 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके पहले उन्होंने परियोजना के अतिथि गृह में रेलवे को दिए आवासों को लेकर परियोजना के अधिकारियों से वार्ता भी की। डीआरएम की इस घोषणा से ओबरा नगर सहित रेलवे कर्मचारियों में खुशी है। मौके पर रेलवे के डीईएन बीके सिंह, कृष्ण कुमार, डीके शाह, अतुल त्रिपाठी, संजय बैसवार, रेलवे बोर्ड के सलाहकार सदस्य बृजेश पांडेय, परियोजना के जीएम प्रशासन, अधीक्षण अभियंता यूसी मिश्रा, एक्सईएन महेंद्र सिंह, एसडीओ सदानंद यादव, जेई ओपी पाल, एसएन वर्मा, अंबरीश कुमार दुबे, रमेश चंद, उमेश सिंह, शातिब खान मौजूद रहे।