ओबरा। उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारी संगठन ने वेतन विसंगतियों को दूर करने में बरती जा रही शिथिलता को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। समिति की केंद्रीय कार्यकारिणी ने ऊर्जा निगमों के अध्यक्षों को पत्र लिखकर बताया कि प्रबंधन ने कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए एक समिति गठित की थी। समिति को विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने वेतन विसंगतियों के अपने अपने मामले दिए थे, लेकिन समिति ने इन वेतन विसंगतियों का निराकरण करने के बजाय वेतन विसंगतियों के मामले को ही खारिज कर दिया है। इससे कर्मचारियों एवं अभियंताओं में भारी रोष व्याप्त है। संघर्ष समिति ने कहा कि 15 नवंबर तक द्विपक्षीय वार्ता द्वारा समस्या का समाधान नहीं होने पर समिति आंदोलन एवं हड़ताल का निर्णय लेने के लिए बाध्य होगी। समिति की ओर से शैलेंद्र दुबे, राजीव सिंह, गिरीश पांडेय, महेंद्र राय, विपिन प्रकाश वर्मा, सुहेल आबिद, शशिकांत श्रीवास्तव, डीके मिश्रा, शंभू रतन दीक्षित, विश्वंभर सिंह, राम सहारे बर्मा, जीपी सिंह, पूसे लाल आदि ने वेतन विसंगति दूर करने की मांग की है।