महाराजनगर (सीतापुर)। जिले में डेंगू जानलेवा हो गया है। बिसवां इलाके की एक वृद्ध महिला की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि निजी अस्पताल में जांच के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई थी। सोमवार को जिला अस्पताल में हुई जांच में दो मरीज डेंगू से संक्रमित मिले। डेंगू वार्ड में नौ मरीज भर्ती हैं।
जिले में डेंगू संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। सोमवार को ओपीडी खुलते ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। अधिकतर मरीज वायरल बुखार से परेशान थे। मरीजों ने अपना पर्चा बनवाकर चिकित्सकों से इलाज करवाया। बुखार के चलते चिकित्सकों ने डेंगू जांच करवाने की बात कही। इस दौरान करीब 40 मरीजों की जांच की गई। इसमें दो लोगों में डेंगू होने की पुष्टि हुई। इन मरीजों को डेंगू वार्ड में भर्ती करके इलाज शुरू करवा दिया गया है।
बिसवां देहात सत्तिनपुरवा के दुर्गापुरी कालोनी की रहने वाली उर्मिला शुक्ला (65) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। इस पर उन्होंने चिकित्सकों को दिखाया। जब फायदा नहीं हुआ तो जांच करवाई। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। परिजनों ने उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उनकी मौत हो गई। सीएचसी अधीक्षक बिसवां डॉ. अमित कपूर ने बताया कि मौत की जानकारी नहीं है।
प्रभारी सीएमएस डॉ. डीके गंगवार ने बताया कि इस समय वार्ड में नौ मरीज भर्ती हैं। इनका इलाज चल रहा है। सोमवार को काफी अधिक भीड़भाड़ थी। करीब दो हजार मरीजों ने ओपीडी में पहुंचकर इलाज करवाया।
शुरू नहीं हो सकी डायलिसिस
जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में आग लगेे हुए पांच दिन बीत गए है। अभी तक यहां पर डायलिसिस शुरू नहीं हो सकी है। इससे मरीजों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। वह प्राइवेट में डायलिसिस करवाने को मजबूर हैं।