सीतापुर। भारी बारिश कच्चे व कमजोर मकानों के लिए आफत बन गई है। मंगलवार को एक घर का जीना ढहने से मलबे में दबकर महिला की मौत हो गई। बिजली गिरने से पक्की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई।
सदरपुर के रजपारापुर में मंगलवार दोपहर जान मोहम्मद के घर का जीना अचानक गिर गया। जीने के नीचे लगे नल पर नहा रहीं जान मोहम्मद की पत्नी इशरतजहां (45) की दबकर मौत हो गई। रामपुर मथुरा क्षेत्र में बारिश व तेज हवा से सोमवार रात तुलसीपुर बंजर चौराहा निवासी शिव भगवान का कच्चा घर ढह गया। गनीमत रही कि उस समय इस घर में कोई मौजूद नहीं था। परिवार दूसरे मकान में था। इससे बड़ा हादसा टल गया। घर का सामान बर्बाद हो गया।
उधर, महमूदाबाद के सिरौली गांव में सोमवार रात कमलेश के घर पर बिजली गिर गई। इससे घर की पक्की दीवार ढह गई। कमरे में रखा सामान नष्ट हो गया। सरैंया बलदेव सिंह निवासी सुरेश कुमार के घर में पानी भरने से भूसा बह गया। इसी गांव के राम सागर, राकेश, रामप्रसाद आदि के घरों में तालाब का पानी भर गया। पिसावां के अमरइया निवासी हेमसिंह के कच्चे मकान की छत ढहने से दबकर बैल की मौत हो गई। हादसे के समय परिवार दूसरे मकान में था। पिसावां गांव निवासी विजय कुमार सिंह का कमरा गिर गया। विजय ने छोटे भाई अभय के घर शरण ली है। गांव के मुकेश और देवेंद्र की कच्ची कोठरी भी बारिश में ढह गई। रेउसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व थाना परिसर बारिश के चलते तालाब में तब्दील हो गया।
गोशाला में भरा पानी, बाहर निकाले गए मवेशी
रामपुर मथुरा/सीतापुर। रायसेनपुर में बने वृहद गो संरक्षण केंद्र में पानी भर गया। इसमें यहां संरक्षित लगभग 800 मवेशी बारिश के पानी के बीच रह रहे हैं। इनमें बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया। जलभराव से भूसा व अन्य सामग्री खराब हो गई। चारे का संकट खड़ा हो गया। मंगलवार को बीडीओ संदीप कुमार ट्रैक्टर से गोशाला पहुंचे। सभी जानवरों को बाहर निकलवाया। कुछ जानवरों को पंचायत भवन में रखा गया है।