रेउसा में नदियों का जलस्तर बढ़ने पर नाव से जाते ग्रामीण।
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जिले में तीन बैराजों से तीन लाख 18 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी गुरुवार को दोपहर बाद नदियों में पहुंचेगा। इससे जलस्तर में बढ़ोतरी होगी। तहसील प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सहमे ग्रामीण सुरक्षित स्थान पर पलायन करने को मजबूर हैं।
लगातार पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने के कारण को बुधवार को वनवसा, घाघरा, शारदा बैराजों से पानी छोड़ा गया है। इसकी जानकारी तहसीलदार बिसवां अविचल प्रताप सिंह ने दी। तहसील के गांजरी क्षेत्र में बह रहीं नदियों के जलस्तर में इजाफा देखा गया। जलस्तर में बुधवार को दो से तीन फीट की बढ़ोतरी दिखी। स्थानीय तटीय लोगों के अनुसार छोड़ा गया पानी गुरुवार दोपहर से रात तक पहुंचेगा। इससे नदियों के जलस्तर में इजाफा होगा। तटीय लोगों की धड़कने तेज हो गईं हैं। उनके माथे पर चिंता की लकीरें पड़ गईं हैं।
सुरक्षित स्थान पर बना रहे झोपड़ी
नई बस्ती चहलारी के मकसूदन, श्याम नगर के सोहन लाल रोड के किनारे बाढ़ से बचने की तैयारी कर रहे हैं। वह टाट, पन्नी, फूस से झोपड़ी बना रहे हैं। इनका कहना है कि नदियों के जलस्तर में लगातार उतार व चढ़ाव को लेकर चिंता बनी रहती है। किसी भी वक्त बाढ़ आ सकती है। इस वजह से अभी से तैयारी कर रहे हैं। पासिन पुरवा के रामनरेश, पवन, पुतानी, तालुकदार, दिनेश, सोहन आदि पानी को तेज धार में अपनी जान जोखिम में डालकर जानवरों के चारे के लिए नाव से व्यवस्था करते दिखे।