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Sitapur News: तीन दिन इंतजार, फिर तौला जा रहा गन्ना

Fri, 07 Apr 2023 09:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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झरेखापुर/सीतापुर। गन्ना क्रय केंद्र, शेरपुर सरांवा पर ढुलाई के लिए लगाए गए वाहनों की संख्या नाकाफी है। ट्रांसपोर्टिंग सिस्टम फेल होने से तौल नहीं हो पा रही है। गुरुवार को लगभग 40 ट्रैक्टर-ट्रॉली तौल के इंतजार में खड़ी थीं। किसान अपने गन्ने की तौल कराने के लिए तीन से चार दिन तक इंतजार करने को विवश हैं। तेज धूप में गन्ना सूख रहा है। वजन घटने पर किसानों को नुकसान होने का डर सता रहा है।
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अवध शुगर मिल हरगांव का क्रय केंद्र शेरपुर सरांवा में है। यहां से मिल तक गन्ना पहुंचाने के लिए दो ट्रॉला लगाए गए हैं। सेंटर का इंडेट 800 क्विंटल है, जबकि एक ट्रॉला में 120 क्विंटल गन्ना ही एक बार में जाता है। गन्ने की आवक के मुकाबले ढुलाई बेहद कम होने पर तौल बंद कर दी जाती है। इससे जाम लग जाता है। तौल का नंबर आने में तीन से चार दिन का समय लग रहा है। कोरैया के किसान पुतान सिंह और राजेश सिंह ने बताया कि तीन दिन से गन्ने की तौल नहीं हो पाई है। उनकी ट्रॉलियां सेंटर पर खड़ी हैं।
अंगेठा निवासी किसान अनोज सिंह ने बताया कि चार दिन से ट्रॉली लेकर खड़े हैं। गन्ना सूख रहा है। बनियानी के किसान नरेंद्र सिंह ने बताया कि दो दिन से गन्ना लदी ट्रॉली लेकर इंतजार कर रहे हैं। किसान मोहित मिश्र ने बताया कि इस सेंटर का 800 क्विंटल का इंडेंट है। जबकि मिल के दो ट्रॉला ही ढुलाई करते हैं। जिनमें लगभग 120 क्विंटल प्रति ट्राॅला ही एक बार में गन्ना जा पाता है। इस कारण भी सेंटर पर जाम की समस्या बन जाती है। कांटा इंचार्ज जगदीश प्रसाद ने बताया कि ट्रांसपोर्टर समय से ट्रॉला नहीं उपलब्ध कराते हैं इसलिए तौल कम हो पा रही है।
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सेंटर पर बिचौलिए हावी
किसानों का आरोप है, कि केंद्र पर घटतौली की जाती है। यदि किसान टोकते हैं तो उनकी ट्रॉली नहीं तौली जाती है। इसके अलावा सेंटर पर बिना पर्ची के भी गन्ने की तौल की जा रही है। एक किसान ने बताया कि इस सेंटर पर दलाल हावी हैं। यहां सस्ते मूल्य पर रिजेक्ट गन्ने को तौल कर मिल भेजा जाता है। जबकि अच्छा गन्ना महंगे दामों में गुड़ बेलों पर बेच दिया जाता है।

पीडब्ल्यूडी ने शादीपुर में सड़क बनानी शुरू कर दी है। इस वजह से रास्ते में ट्रॉला निकालने में समस्या हो रही है। ढुलाई के लिए ट्रॉला की संख्या बढ़ाई गई है। तौल शुरू करा दी गई है।
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- राजेश सिंह, डीजीएम
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