रेउसा में कटान करती घाघरा नदी। -संवाद
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रेउसा (सीतापुर)। पहाड़ों पर बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी से शारदा व सरयू नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे गांजर के लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। कटान का सिलसिला बुधवार को थम गया। तीनों बैराजों से बुधवार को दो लाख सैंतीस हजार क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। इससे 15 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
ब्लॉक रेउसा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित गांवों से पानी घटने के बाद हालात अभी सामान्य नहीं हो पाए थे कि नदियां फिर से उफनाने लगी हैं। पिछले तीन दिनों से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देख लोग फिर से बाढ़ की आशंका को लेकर चिंतित हैं। सरयू में पानी बढ़ने से तटवर्ती इलाके में बसे पासिनपुरवा, परमेश्वरपुरवा, दर्जिन रेती, मरेली आदि लगभग 15 गांव ऐसे हैं, जिन पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
अभी इन गांवों से पानी लगभग सौ मीटर की दूरी पर बह रहा है, लेकिन ग्रामीणों की माने तो जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो हालात किसी भी समय बिगड़ सकते हैं। उधर, बुधवार को बनवसा वैराज से 40 हजार 703 क्यूसेक, शारदा बैराज से एक लाख नौ हजार पैंतीस क्यूसेक तथा घाघरा बैराज से 87 हजार 476 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि यह पानी गुरुवार दोपहर तक जिले में पहुंच जाएगा। इसके बाद नदियां और उफनाएंगी।
अभी दायरे में बह रहीं नदियां
जिले की शारदा व सरयू नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन गांजरी इलाके में हालात सामान्य हैं। नदियां अपने दायरे में बह रही हैं। कटान में कमी आई है। तटीय क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
- अविचल प्रताप सिंह, तहसीलदार बिसवां