खैराबाद/इमलिया सुल्तानपुर। जिले में अब बाघिन की दस्तक हुई है। पगचिह्नों की जांच के आधार पर वन विभाग के अफसर दबी जुबान बाघिन होने की पुष्टि की जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बाघिन ने एक मवेशी व दो वनरोज को निवाला भी बनाया है। उधर, इमलिया सुल्तानपुर में तेंदुए की आवाज सुनकर एक किसान खेत से भाग गया।
जिले में इस समय जंगली जानवरों से दहशत बनी हुई है। भेड़िये व तेंदुए के हमलों से दहशतजदा लोग अब बाघिन की चहलकदमी से डरे हुए हैं। पिछले दिनों महोली के ब्रह्मावली गांव में बाघ व शावक दिखे थे।
वन विभाग ने पिंजरा लगाया था लेकिन जानवर काबू में नहीं आया। अब खैराबाद की ग्राम पंचायत निजामाबाद के मजरा डेढ़वइया में बाघिन ने शनिवार को एक वनरोज को शिकार बनाया। दूसरी घटना गोंद नदी के दुल्लापुर घाट के जंगल में हुई। यहां पर बाघिन ने एक वनरोज व मवेशी को शिकार बनाया।
बाघिन के लगातार दो हमलों से ग्रामीण दहशत में हैं। डेढ़वइया निवासी सियाराम के बैल का चार दिन पहले इसी बाघिन ने शिकार किया था। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची टीम ने तलाश शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने कहना है हम लोगों ने बाघिन को देखा है।
वहीं वन विभाग के सूत्रों की माने तो यह वही बाघिन है, जिसने करीब चार माह पहले भवानीपुर रसूलापुर हथियागाजी में एक दर्जन से अधिक वनरोज व मवेशियों को अपना निवाला बनाया था। सूत्रों की मानें तो बाघिन के पगचिह्न दुल्लापुर घाट के पास मिले हैं। इससे खैराबाद बिसवां बार्डर के भवानीपुर, रसूलापुर, हथिया गाजीपुर, गैंदपुरवा आदि गांवों में दहशत बनी हुई है। मौके पर पहुंचे उप प्रभागीय वन अधिकारी विकास यादव ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी।
चार माह से खाली हाथ है वन विभाग
खैराबाद इलाके में चार माह से बाघिन की दहशत बनी हुई है। बाघिन लगातार हमले कर मवेशियों को शिकार बना रही है। वन विभाग की भारी भरकम फौज, ट्रेकिंग कैमरे सब फेल साबित हो रहे हैं। ग्रामीण बाघिन होने का दावा कर रहे हैं तो वन विभाग उसे पकड़ना तो दूर उसकी पुष्टि नहीं कर पा रहा है। इसके चलते ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है।
हो रही है काॅम्बिंग
एक वनरोज संग एक मवेशी को जंगली जानवर ने शिकार बनाया है। ट्रेकिंग के लिए कैमरे लगाए गए हैं। गन्ने के खेत में स्पष्ट रूप से पगचिह्नों की पहचान नहीं हो पाई है। टीम मौके पर काॅम्बिंग कर रही है।
अभिषेक पांडे, डिप्टी वन क्षेत्र अधिकारी
तेंदुए की आवाज सुनने का दावा, लाठी-डंडा लेकर दौड़े किसान
इमलिया सुल्तानपुर। चांदूपुर में खेत पर काम कर रहे एक मजदूर ने तेंदुआ देखने का दावा किया है। तेंदुए की आवाज सुनकर तमाम किसान दहशत में आ गए। सभी लाठी-डंडा लेकर दौड़ पड़े। तब तक तेंदुआ वहां से भाग निकला। चांदूपुर में केशवपुर निवासी रामबक्श महरा ने बताया कि वह रोजाना की तरह अपने खेत पर काम करने गया था। घास छीलने के बाद पास के गन्ने के खेत में जब घास को फेंका तो जोर से आवाज आई। पास के खेतों में काम कर रहे लोगों को बुलाया और गांव में सूचना भेजी। मौके पर लोग लाठी डंडा लेकर पहुंच गए। गन्ने के खेत के बाहर से खोजने की कोशिश की। लेकिन तेंदुआ दिखाई नहीं दिया। वन विभाग के कर्मी मुकेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर कॉम्बिंग शुरू कर दी है।