सीतापुर/रामपुर मथुरा। बाढ़ का पानी भरा होने से परिषदीय विद्यालयों के करीब तीन हजार बच्चे निपुण असेस्मेंट परीक्षा से वंचित रह गए। ढाई हजार से अधिक नौनिहाल खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने को विवश हैं। हालांकि, पानी घटने से अधिकतर स्कूलों में पठन-पाठन सामान्य तरीके से होने लगा है।
जिले के गांजरी इलाके में हर साल बाढ़ तबाही मचाती है। बाढ़ व कटान से घर, खेत और रास्ते तहस-नहस हो जाते हैं। सरयू व शारदा की बेकाबू लहरें सैकड़ों गांवों को चपेट में लेकर हजारों की आबादी को कभी न भूलने वाले गहरे जख्म दे जाती हैं। बाढ़ का पानी घटने पर अब तबाही का मंजर सामने आने लगा है। बाढ़ से लगभग एक सैकड़ा परिषदीय विद्यालय प्रभावित हुए। कई दिनों तक पठन-पाठन ठप रहा।
ब्लॉक रामपुर मथुरा क्षेत्र के 60 परिषदीय विद्यालय बाढ़ से प्रभावित हुए। इन स्कूलों में पंजीकृत लगभग 4700 बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई। पानी घटने पर 29 स्कूलों में शिक्षण कार्य सामान्य तरीके से शुरू हो गया है। मगर 20 स्कूलों में कीचड़ व सिल्ट भरा होने से पढ़ाई अब तक बाधित है। यहां के 2400 बच्चों को ऊंचे स्थानों या मोहल्ला कक्षा के जरिये खुले आसमान तले पढ़ाया जा रहा है। जबकि प्राथमिक विद्यालय टेरवा मानिकपुर, रमनगरा, भयापुर, लोनियनपुरवा, पठाननपुरवा, बसंतपुर कंडी व देशी लौकिया सहित 11 विद्यालयों में बाढ़ का पानी अब तक भरा होने से यहां शिक्षण कार्य ठप है। इनमें अध्ययनरत करीब 2200 नौनिहाल निपुण असेस्मेंट परीक्षा से वंचित रह गए हैं।
ब्लॉक रेउसा क्षेत्र के 39 परिषदीय विद्यालयों में बाढ़ की चपेट में आने से शिक्षण कार्य बंद हुआ था। अधिकांश स्कूलों में पठन-पाठन सामान्य ढंग से होने लगा है। यहां छह ऐसे स्कूल हैं, जिनमें अभी तक शिक्षण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। नसीरपुर, बिलौता, अंदपुर, सुकेठा व भरथा के स्कूलों में निपुण कौशल टेस्ट स्थगित करना पड़ा। इसी तरह ब्लॉक बेहटा क्षेत्र के यूपीएस उमरा तथा दारापुर के बच्चों की निपुण कौशल परीक्षा बाढ़ के चलते रद्द कर दी गई है। ब्लॉक रेउसा व बेहटा में करीब 800 बच्चे निपुण असेस्मेंट परीक्षा से वंचित रह गए।
उच्च अधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट
खंड शिक्षा अधिकारी रामपुर मथुरा नवीन कुमार ने बताया कि बाढ़ की चपेट में करीब 60 विद्यालय आ गए थे। काफी दिनों तक इनमें शिक्षण कार्य बंद रहा। जलस्तर कम होने पर 29 स्कूलों में शिक्षण कार्य शुरू कर दिया गया। करीब 20 विद्यालयों में सिल्ट व कीचड़ भरा होने से यहां के 2400 बच्चों को ऊंचे सुरक्षित स्थानों या मोहल्ला कक्षाओं के रूप में शिक्षा दिलाई जा रही है।
मध्याह्न भोजन योजना भी संचालित है। 11 विद्यालयों में अत्यधिक जलभराव के कारण वहां शिक्षक व बच्चों का पहुंचना मुमकिन नहीं है। वहां निपुण असेस्मेंट परीक्षा निरस्त कर दी गई है। रेउसा बीईओ राम जनक वर्मा के मुताबिक बाढ़ से क्षेत्र के 39 विद्यालय प्रभावित थे। इनमें छह स्कूलों की निपुण कौशल परीक्षा रद्द कर दी गई है। उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है।