सीतापुर। प्रधानमंत्री आवास योजना में जरूरतमंद परिवारों को आवास की सुविधा नहीं मिल रही है। बीले साल जिन लाभार्थियों के आवास स्वीकृत किए गए हैं, उनकी किस्त समय पर बैंक खाते में नहीं भेजी जा रही है। इससे लाभार्थियों के आवास अधूरे हैं। सामग्री की लागत बढ़ने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण जरूरतमंद परिवारों को रहने की समस्या हो रही है। बीते साल के 15,845 लाभार्थियों को तीसरी किस्त नहीं भेजी गई है।
जिले में साल 2022-23 में 34,505 आवास बनाए जाने का लक्ष्य तय किया गया था। इसके सापेक्ष 34,415 आवास स्वीकृत किए गए हैं। लाभार्थियों को समय से किस्तें उनके खाते में नहीं भेजी जा रही हैं। 15,845 लाभार्थियों को तीसरी किस्त नहीं भेजी गई है।
तीन हजार 951 लाभार्थी दूसरी किस्त का इंतजार कर रहे हैं, जबकि एक हजार 686 लाभार्थियों को पहली किस्त ही नहीं भेजी गई है। इससे वह आवास की बुनियाद ही नहीं रख सके हैं। योजना में ब्लॉक स्तर सबसे अधिक मनमानी की जा रही है। सचिवों की ओर से तमाम पात्रों को अपात्र करते हुए सूची से उनके नाम हटवा दिए गए हैं। इससे वह भटक रहे हैं। जिनके आवास स्वीकृत हो गए, उन्हें उसके निर्माण के लिए भटकना पड़ रहा है।
सभी बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि वह समय से जियो टैग कराएं। लाभार्थियों को दूसरी और तीसरी किस्त भेजने की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए शीघ्र आवास पूरे कराएं।
हरिश्चंद्र प्रजापति, प्रभारी परियोजना, निदेशक