कमलापुर (सीतापुर)। राजधानी लखनऊ में बुधवार को सीवर लाइन की सफाई के दौरान जहरीली गैस से पिता-पुत्र की मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को उनके शव गांव पहुंचे तो चारों ओर कोहराम मच गया। परिजनों ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया।
लखनऊ स्थित रेजीडेंसी के सामने सीवर लाइन की सफाई के दौरान जहरीली गैस का रिसाव होने से क्षेत्र के सरवरपुर गांव निवासी सोबरन यादव व उसके पुत्र सुशील की मौत हो गई। सुशील के भाई विनय यादव ने बताया उनके पिता और भाई केके स्पेन लिमिटेड कंपनी में छह साल से सीवर सफाई का काम करते थे। वह लखनऊ सहित कई अन्य जिलों में भी कंपनी के काम करने जाते थे।
परिवार में शादी थी, इसलिए वे घर आए थे। मंगलवार को जब ठेकेदार का फोन आया तो वह भाई के साथ लखनऊ चले गए। ठेकेदार व सुपरवाइजर ने बिना उपकरण के होल में उतार दिया। जब दोनों लोगों की मौत हो गई तो उनका मोबाइल फोन और बैग लेकर वहां से भाग गए।
काफी समय तक पहचान न होने पर उन्हें अज्ञात में अस्पताल भेज दिया गया। उनके परिवार में अब सोबरन की पत्नी शीला देवी (50), छोटा बेटा विनय (26), सुशील की पत्नी दुर्गा देवी (28) व सुशील की पांच वर्षीय बेटी तान्या ही रह गए हैं।
पूर्व प्रधान विनोद ने बताया कि लखनऊ से जलनिगम के अधिकारी गांव पहुंचे थे। उस समय परिजन अंतिम संस्कार में व्यस्त थे। इसलिए अधिकारियों की मुलाकात परिजनों से नहीं हो पाई। अधिकारियों ने 30-30 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने का आश्वासन दिया है।