सीतापुर। रेउसा में संदिग्ध हालात में विवाहिता की मौत के मामले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को पति के खिलाफ दहेज के लिए हत्या करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक महिला के पति ने ही अपने एक रिश्तेदार के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया है। हालांकि पुलिस की थ्योरी लोगों के गले नहीं उतर रही है।
रेउसा के बम्भनेवा निवासी मोहिनी (22) का विवाह छह माह पूर्व महमूदाबाद के माधवपुर भेथरा गांव निवासी विकास से हुआ था। वह 14 जनवरी को खिचड़ी पर अपने मायके आई थी। मंगलवार देर रात वह नित्यक्रिया के लिए खेत गई थी। इसी दौरान वह लापता हो गई। बुधवार को उसका शव खेत में पड़ा मिला था। उसके हाथ व पैर रस्सी से बंधे थे। कपड़े भी फटे थे। ग्रामीणों ने आशंका जताई थी कि महिला की मौत आशनाई या अन्य किसी कारणों से हुई। लेकिन पुलिस ने मामले को दहेज हत्या का रूप दे दिया। एसओ घनश्याम राम की मानें तो पति विकास ने दहेज न मिलने पर अपने फुफेरे भाई लवकेश के साथ मिलकर पत्नी की हत्या कर दी। परिजनों की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
आखिर मायके में क्यों ली जान
पुलिस की थ्योरी पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। चर्चा है कि आरोपी विकास अपनी पत्नी को अपने घर पर भी मार सकता था। उसने वारदात के लिए अपनी ससुराल आकर ऐसा क्यों किया? हालांकि इसका जवाब पुलिस के पास नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी पुलिस को नहीं है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी अभी पुलिस की हिरासत में नहीं हैं। जल्द ही उनसे पूछताछ की जाएगी।