रामपुर मथुरा/सीतापुर। पहाड़ों पर बारिश और बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी से जिले की सरयू और शारदा नदियों के उफनाने की आशंका प्रबल हो गई है। शुक्रवार को सरयू का जलस्तर 118.50 मीटर पर स्थिर हो जाने से इसके संकेत मिलने लगे हैं।
वहीं, बैराजों से शुक्रवार को छोड़ा गया 3 लाख 82 हजार 127 क्यूसेक पानी जिले में पहुंचने से गांजर वासियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। तराई क्षेत्र में सरयू का पानी स्थिर होने के बाद धीमी गति से कटान जारी है। सरयू नदी का जलस्तर शुक्रवार को भी 118.50 मीटर पर स्थिर रहा।
इससे शंकरपुरवा और सोनरख पुरैना गांव के करीब नदी की धारा किनारे की जमीन को काट रही है। पानी स्थिर रहने से ग्रामीणों के सामने बाढ़ जैसी कोई समस्या नहीं है। हालांकि बैराजों से छोड़ा गया पानी गांजर वासियों की बैचैनी बढ़ा रहा है।
शारदा, बनबसा और घाघरा बैराजों से शुक्रवार को 3 लाख 82 हजार 127 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से तराई क्षेत्रवासियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यह पानी जिले में पहुंचने पर नदियां फिर उफना सकती हैं। जिससे तटवर्ती शंकरपुरवा, अंगरौरा, अखरी, बाबा कुटी, कनरखी, अटौरा सहित करीब 20 गांवों के लोग संभावित बाढ़ को लेकर आशंकित हैं।
ग्रामीण राजेश, प्रमोद, रामनरेश आदि ने बताया कि जलस्तर घटने से कुछ समस्याएं भी कम हुई थी। मगर शुक्रवार को तीनों बैराजों से छोड़ा गया पानी जब यहां पहुचेंगा तो सरयू नदी के उफनाने की आशंका है।
किस बैराज से छोड़ा गया कितना पानी
शारदा बैराज- 1,38,707 क्यूसेक
घाघरा बैराज- 1,28,600 क्यूसेक
बनबसा बैराज- 1,14,820 क्यूसेक
निगरानी की जा रही
सरयू का जलस्तर स्थिर है। बाढ़ का खतरा न के बराबर है। बैराजों से शुक्रवार को कुछ ज्यादा पानी छोड़ा गया है। बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों के लोगों व तहसील कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सघन निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
- सुखवीर सिंह, तहसीलदार महमूदाबाद