रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू नदी का जलस्तर रविवार को 117.30 मीटर पर स्थिर रहा। खतरे के निशान 119 मीटर से पानी 1.70 मीटर नीचे बह रहा है। हांलाकि, अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं, लेकिन नदी का घटता-बढ़ता जलस्तर तटवर्ती गांवों के लोगों की परेशानी का कारण बना हुआ है। वहीं, गिरिजापुरी बैराजों से रविवार को 1.23 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। शनिवार की तुलना में 10 हजार क्यूसेक ज्यादा पानी डिस्चार्ज किया गया है। गांजर वासियों का मानना है कि ज्यादा पानी डिस्चार्ज किए जाने से सरयू का जलस्तर बढ़ने की आशंका रहती है। इसके अलावा पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक होने वाली बारिश का पानी भी नदियों में पहुंचता है। मौजूदा हालातों को देखते हुए नदी में उफान आने की संभावनाएं ज्यादा हैं। इसे लेकर अखरी, अंगरौरा, बाबाकुटी, निरंजनपुरवा, परमगोंडा समेत सरयू के कितारे बसे करीब 15 गांवों के सैकड़ों लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। संभावित बाढ़ को लेकर ग्रामीण भयभीत हैं। वहीं, महमूदाबाद के तहसीलदार अनिल कुमार का कहना है कि सरयू का जलस्तर स्थिर रहना कोई परेशानी की वजह नहीं है। तटवर्ती क्षेत्र में हालात पूरी तरह से सामान्य हैं। तहसील प्रशासन की टीमें सक्रिय हैं। लगातार नदी के रुख की निगरानी की जा रही है। बाढ़ से निपटने की तैयारियां भी चाक-चौबंद हैं।