सीतापुर। अपनी उम्र से तीन गुना बड़े मौलाना से निकाह के बाद से किशोरी अवसाद में थी। इसी वजह से उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामला तालगांव थाना क्षेत्र के दौदापुर गांव का है।
ग्रामीणाें ने बताया कि निकाह के बाद से वह खुश नहीं थी। इसी वजह से उसने आत्महत्या की है। वहीं इस मामले में पुलिस भी संवेदनशील नजर नहीं आ रही है। पुलिस की मानें तो उन्हें अभी तक किशोरी के जन्म प्रमाणपत्र ही नहीं मिल सके हैं।
ग्रामसभा दौदापुर निवासी किशोरी नसरीन (15) का विवाह तीन माह पहले गांव के ही 45 साल के एक मौलाना से कर दिया गया था। किशोरी कक्षा आठ की छात्रा थी। वह पास के ही एम अर्शलान पब्लिक स्कूल में पढ़ती थी। स्कूल से मिले दस्तावेजों के मुताबिक उसकी उम्र महज 15 साल थी। बृहस्पतिवार को स्कूल से आने के बाद उसने अपनी ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही फॉरेंसिक टीम ने मौके पर जाकर साक्ष्य जुटाए। उधर, घटना के बाद भी मामले में पुलिस लापरवाही बरतती नजर आ रही है। ग्रामीण लगातार कह रहे हैं कि नसरीन नाबालिग थी। वह विवाह से खुश नहीं थी लेकिन पुलिस अफसर चुप्पी साधे हैं।
एसओ दीपक राय ने बताया कि शव का अंतिम संस्कार किया जा चुका है, लेकिन किशोरी के जन्म के प्रमाणपत्र अब तक उनके पास नहीं आ पाए हैं। जबकि विद्यालय रिकॉर्ड की मानें तो किशोरी की जन्मतिथि एक जनवरी 2009 है, जो कि स्कूल दस्तावेजों में दर्ज है। इस हिसाब से नसरीन नाबालिग थी।
पिता की पहले ही हो चुकी है मौत
किशोरी के पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। नसरीन पांच बहनों में सबसे छोटी थी। घर में कोई कमाने वाला नहीं था। इसलिए उसकी इकलौती मां ने उसका विवाह कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि वह अपने विवाह से खुश नहीं थी।